भारतीय रक्षा मंत्रालय समेत करीब दर्जन भर अधिकृत वेबसाइट हैक होने की खबरों से शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गईं। खुद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने ट्वीट के जरिए हैकिंग की बात स्वीकार की थी, लेकिन बाद में सरकारी वेबसाइटों की देखरेख करने वाले नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने इसे हैकिंग के बजाय मात्र हार्डवेयर फेल होने का मामला बताया।
इससे पहले खबर आई कि चीनी हैकरों ने वेबसाइट हैक करते हुए इसे विकृत कर दिया है। हैकिंग के बाद से वेबसाइट पर लॉगिन करने पर यूजर एक एरर पेज पर पहुंच रहा था। वेब पर एरर मैसेज चलने से पहले चीनी भाषा में शब्द लिखे दिख रहे थे। रक्षामंत्री ने ट्वीट में लिखा, मंत्रालय की वेबसाइट एमओडी.एनआईसी.इन के हैक होने पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। वेबसाइट जल्द ही ठीक हो जाएगी। भविष्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
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शाम को एनआईसी के नेशनल साइबर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेटर गुलशन राय ने कहा कि सरकारी वेबसाइटों पर कोई साइबर अटैक या हैकिंग नहीं हुई है। उन्होंने इसे मात्र स्टोरेज एरिया नेटवर्क सिस्टम के हार्डवेयर फेल होने का नतीजा बताया है। उन्होंने बताया कि हार्डवेयर बदल लरकदिया गया है और जल्द ही सभी वेबसाइट फिर शुरू हो जाएंगी। एनआईसी के अधिकृत ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया गया, जिसमें लिखा था कि वेबसाइट एमओडी.एनआईसी.इन हैक नहीं है बल्कि दोपहर 2.30 बजे से कुछ तकनीकी गड़बड़ी हो रही है। वेब पर दिखे चीनी शब्द इसमें उपयोग किए गए कंटेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर ड्रुपल जेन फ्रेमवर्क का डिफॉल्ट लोगो दिखा रहे हैं। देर शाम वेबसाइट दोबारा पूर्व स्थिति में आ गई थी। बता दें कि केवल रक्षा मंत्रालय ही नहीं बल्कि श्रम, गृह मंत्रालय सहित 8 सरकारी वेबसाइट हैक हो गई थी।