केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 के आम बजट में समाज के हर वर्ग को राहत देने, राजकोषीय घाटे को काबू में रखने और इन सबके बीच अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश पूरी दक्षता से की है। बजट में मध्य वर्ग, कृषि, पर्यटन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
पर्यटन : घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 जगहें विकसित होंगी। एप बनेगा। होटल व टिकटिंग कंपनियों के लिए नए मौके।
भारतीय कार कंपनियां : हरित प्रगति के चलते लिथियम-आयन बैटरी उत्पादन से जुड़ी चीजें सीमा शुल्क से बाहर। ईवी कंपनियों व बैटरी उत्पादकों को लाभ। ई-कार और दोपहिया वाहन तीन फीसदी तक सस्ते होंगे।
स्वास्थ्य मंत्रालय को 89,155 करोड़ रुपये
बजट में स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए 89,155 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। पिछले साल यह 83 हजार करोड़ था।
रक्षा: 5.94 लाख करोड़ रुपये, पिछले साल 5.25 लाख करोड़
पर्यटन : देखो अपना देश मुहिम
घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘देखो अपना देश मुहिम’ शुरू की जाएगी। इसके तहत 50 पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए वित्तीय मदद मिलेगी।
ई-न्यायालय : 7,000 करोड़
न्यायिक प्रशासन में दक्षता लाने के लिए ई-न्यायालय का तीसरा चरण शुरू होगा।
अग्निवीरों की राशि कर मुक्त
मनरेगा : 60 हजार करोड़ खर्च होंगे। (पिछले साल 73 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान था।)
सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन : 2047 तक सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन का लक्ष्य। जनजातीय क्षेत्र में सात करोड़ लोगों का होगा स्वाथ्य परीक्षण।
बीमा क्षेत्र : 5 लाख से ज्यादा के प्रीमियम पर टैक्स घोषणा से प्रमुख बीमा कंपनियों के शेयर 5 से साढ़े 11 फीसदी तक गिरे।
आभूषण : सोने पर पिछले साल जुलाई में बढ़ा आयात कर कम न होने और लैब में हीरा बनाने के लिए शोध की घोषणा के बाद आभूषण कंपनियों के शेयर 5 फीसदी तक नीचे।