प्याज की महंगी कीमतों और अर्थव्यवस्था पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के शब्द बाणों को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हीं के बयानों से परास्त किया। निर्मला ने बिना चिदंबरम का नाम लिए गुरुवार को कहा कि 2012 में जब महंगाई का दौर था तो इसी सदन में तत्कालीन वित्तमंत्री बोले थे, जब शहरी मध्यवर्ग 15 रुपये का मिनरल वाटर खरीद सकता है और 20 रुपये की आइसक्रीम खा सकता है तो महंगाई पर शोर क्यों मचा रहा है। उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था पर आलोचना का स्वागत है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में महंगे प्याज पर चर्चा के दौरान कहा था, मेरे घर पर प्याज लहसुन नहीं खाया जाता। इसलिए इसके महंगे होने से मुझे फर्क नहीं पड़ता, आप लोग मेरी चिंता न करें। सांसद सौगत रॉय ने उनसे पूछा था कि क्या आप प्याज नहीं खाते।
वित्त मंत्री ने विपक्ष के हमलों पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार प्याज की कीमतों पर काबू पाने के हरसंभव प्रयास कर रही है। मोदी सरकार गरीबों के हित में ही काम करती है। इसकी उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, पीएम आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना क्या अमीरों के लिए है?