भोपाल में उच्च सुरक्षा पशु रोग प्रयोगशाला में चमगादड़ और सूअरों के कुल 21 नमूने भेजे गए थे। जिनमें सभी के जांच रिपोर्ट नकारात्मक पाए गए हैं। इन नमूनों में चमगादड़ और सूअर के अलावा गाय, बकरी, खरगोश, कुत्ते और बिल्ली के सैंपल भी भेजे गए थे लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट भी नकारात्मक पाए गए।
वहीं सप्ताह के शुरु में केंद्रीय पशुपालन आयुक्त एसपी सुरेश की अगुआई वाली एक टीम ने प्रभावित क्षेत्र में जानवरों की जांच के बाद कहा था कि जानवरों में निपाह वायरस से संबंधित कोई भी घटना नहीं पाई गई है। इस वायरस से केवल इंसान ही प्रभावित हैं।
भोपाल में भेजे गए सैंपलों में वह चमगादड़ भी शामिल था जिसे पेरम्बरा गांव के मूसा के घर से लिया गया था। बता दें मूसा के दोनों बेटों और रिश्तेदारों की मौत निपाह वायरस के कारण हुई थी। जानकारी के मुताबिक सभी 21 सैंपल पेरम्बरा और उसके आस पास के इलाके से इकट्ठे किए गए थे।
हाल ही में हुई मौतों के कारण कोझीकोड और मल्लापुरम जिलों के लोग अपने घरों और पशुओं को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। राज्य सरकार ने शुक्रवार को सभी पार्टियों की एक मीटिंग भी बुलाई। जिसमें यह फैसला लिया गया कि सबसे प्रभावित जिले कोझीकोड में लोगों को जागरुक करने के लिए जुलूस निकाला जाएगा।
इस यात्रा में एक्साइज मंत्री टीपी रामकृष्णन और स्वास्थ्य मंत्री केके शैलेजा भी हिस्सा लेंगे। साथ ही सरकार ने बिजली शवदाह गृह के उन कर्मियों को भी काम से बर्खास्त करने का फैसला किया है जो निपाह पीड़ितों के शवों का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर रहे हैं।
अब जब रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ये वायरस चमगादड़ों से नहीं फैल रहा है तो अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों को मद्देनजर रखते हुए जांच आगे बढ़ाने का फैसला किया है।