फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: कर्नाटक के सरकारी स्कूल के शौचालय में 9वीं कक्षा की छात्रा ने लड़के को दिया जन्म, जांच के आदेश

Fri, 29 Aug 2025 12:15 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक के एक सरकारी आवासीय स्कूल के शौचालय में 9वीं कक्षा की छात्रा ने लड़के को जन्म दिया। दोनों का इलाज शाहपुर के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य शशिधर कोसाम्बे ने अधिकारियों को इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करने और शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है। 
विज्ञापन
नवजात शिशु (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के यादगीर जिले में एक सरकारी आवासीय स्कूल के शौचालय में 9वीं कक्षा की छात्रा ने लड़के को जन्म दिया। लड़की और नवजात की हालत स्थिर है। दोनों का शाहपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। 

विज्ञापन


यह घटना बुधवार दोपहर को हुई, लेकिन इसकी जानकारी बृहस्पतिवार को सामने आई। कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य शशिधर कोसाम्बे ने अधिकारियों को इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करने और शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है। 

ये भी पढ़ें: Supreme Court: APPSC सदस्य मेपुंग तदर के खिलाफ नहीं मिले दुराचार के सबूत, निलंबन को तुरंत हटाने का आदेश
विज्ञापन


स्कूल प्रधानाचार्य और स्टाफ सदस्यों पर दर्ज किया जाएगा मामला
कोसाम्बे ने कहा कि स्कूल के संबंधित अधिकारियों ने आयोग को समय पर खबर नहीं दी, इसलिए स्वत: संज्ञान लेते हुए स्कूल के प्रधानाचार्य और स्टाफ सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। 

डीसीपी यादगीर से स्कूल जाकर जांच करने को कहा
कोसाम्बे ने कहा, राज्य में ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने डीसीपी यादगीर से कहा है कि वह स्कूल जाकर जांच करें और केस दर्ज करें। इसके अलावा, आज शाम तक आयोग को विस्तृत रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। 

ये भी पढ़ें: Dharmasthala Case: कर्नाटक सरकार पर बरसे मंत्री प्रह्लाद जोशी, कांग्रेस पर टूलकिट से प्रभावित कार्रवाई के आरोप

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित जांच करनी चाहिए थी
कोसाम्बे ने यह भी कहा कि स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को हर महीने लड़की की जांच करनी चाहिए थी। हालांकि, ऐसा लगता है कि उनकी ओर से कुछ चूक हुई है। उन्होंने कहा कि इस गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। 
विज्ञापन


इस मामले में उपायुक्त हर्षल भोयर और पुलिस अधीक्षक पृथ्वी शंकर ने संयुक्त बयान में कहा कि वे इस मामले की कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं करेंगे क्योंकि जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। छात्रावास के कर्मचारियों को निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गलती कहां हुई, यह पता लगाया जाएगा और जो जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी को भी नहीं बचाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जाएगी कि क्या माता-पिता ने यह बात छिपाई और क्या बाल विवाह हुआ था। इस मामले में सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रावास की समस्याओं की जानकारी लेने के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें