असम के नौ युवकों को बरगलाकर अरुणाचल ले जाकर जबरन मजदूरी में लगाने का एक मामला सामने आया है। अरुणाचल में फंसे ये सभी युवक मोरान के रहने वाले हैं। युवकों के परिवारों का दावा है कि गत 5 नवंबर को उन्हें माइकल सादोर नामक एक व्यक्ति ने तिनसुकिया जिले के सिलापथार में नौकरी देने का झांसा देकर अरुणाचल के आलो ले गया, जहां उन्हें कथित रूप से जबरन मजदूरी में लगाया जा रहा है।
इसके अलावा युवकों पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न चलाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि इस संदर्भ में मोरान थाने में एक मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर अरुणाचल में फंसे युवकों की तत्काल रिहाई की गुहार लगाई है।
जंगली हाथियों ने जमकर मचाया तांडव
असम के ग्वालापाड़ा जिले के लखीपुर वन क्षेत्र के बंदरमारा गांव में बुधवार की रात जंगली हाथियों ने जमकर तांडव मचाया। हाथियों के इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि कई घरों को हाथी ने ध्वस्त कर दिया है। जानकारी के मुताबिक हाथियों के हमले से बंदरमारा गांव के युगल बर्मन नामक एक युवक की मौत हो गई। हार्थियों की झुंड ने गांव के कम 25 घरों को नष्ट कर दिया।
वन रेंज अधिकारी ध्रुव दत्त ने कहा कि जंगली हाथियों का एक झुंड पिछले 2 महीनों से इस इलाके में शरण ले रहे थे, बीती रात हाथियों ने गांव में हमला करके एक युवक को मारा और कई घरों को नष्ट कर दिया। बाद में वन कर्मी द्वारा हाथियों को भगाने की कोशिश की गई। गौरतलब है कि ग्वालापाड़ा जिले के इसी वन क्षेत्र के जयरामकुची क्षेत्र में पिछले महीने खेत में एक जंगली हाथी मृत पाया गया था।