पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा ने भारत में भीड़भाड़ वाले इलाकों में धमाकों की साजिश रची थी। इनका मकसद अपने समर्थकों को हथगोले उपलब्ध कराकर हैदराबाद में लोन वुल्फ हमलों और विस्फोटों को अंजाम देना था। लश्कर के गिरफ्तार किए गए तीन आतंकियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से दर्ज एफआईआर में यह खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए तीन आतंकियों के खिलाफ 25 जनवरी को दर्ज की गई प्राथमिकी में कहा गया है कि उन्हें सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए सार्वजनिक समारोहों और जुलूसों में हथगोले फेंकने का निर्देश दिया गया था।
केंद्र सरकार के निर्देश पर एनआईए को सौंपी गई जांच
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान जाहिद के परिसर से दो हैंड ग्रेनेड, दो मोबाइल फोन और 3,91,800 रुपये नकद जब्त किए गए। केंद्र सरकार के निर्देश पर मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है। केंद्रीय एजेंसी ने इस साल 25 जनवरी को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तीनों आरोपियों और अन्य के खिलाफ मामला फिर से दर्ज किया और जांच अपने हाथ में ले ली।
एनआईए द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में कहा गया है, केंद्र सरकार की राय है कि एनआईए अधिनियम, 2008 के तहत एक साजिशन अपराध किया गया है और अपराध की गंभीरता, इसके अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए, इसकी जांच एनआईए द्वारा की जानी आवश्यक है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामले को फिर से दर्ज किया और जांच अपने हाथ में ली।