एनआईए ने कहा, "यह मामला तीन भारतीय नागरिकों शेख अजहर अल इस्लाम सत्तार शेख, मोहम्मद फरहान मोहम्मद रफीक शेख और अदनान हसन की आपराधिक साजिश से जुड़ा है। ये लोग प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के सदस्य हैं। उनकी साजिश का उद्देश्य आतंकवादी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए अतिसंवेदनशील युवाओं की पहचान करना, प्रेरित करना, कट्टरपंथी बनाना, भर्ती करना और प्रशिक्षित करना था।"
एनआईए ने कहा, "जांच में पता चला है कि आरोपी अदनान हसन ने आईएसआईएस में शामिल होने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए पोस्ट, समाचार लेख, टिप्पणियां, वीडियो, चित्र और इस्लामी विद्वानों की टिप्पणी सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्मों और तरीकों का इस्तेमाल किया। उसने आरोपी अब्दुल्ला बासित और अन्य सहयोगियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की।"
आतंक रोधी एजेंसी ने आगे कहा, "आरोपी अदनान हसन को आईएसआईएस के साथ संबंध रखने और भारत में इसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए 29 जनवरी 2016 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सबूतों के आधार पर एनआईए की विशेष अदालत, नई दिल्ली के समक्ष यूएपीए और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी अदनान हसन के खिलाफ 25 जुलाई 2016 को एक आरोप पत्र दायर किया गया था।"