राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को दो लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिनमें उत्तर पूर्व के आतंकी समूह एनएससीएन (आईएम) की स्वयंभू ‘कैबिनेट मंत्री’ अलेमला जमीर भी शामिल है। एनआईए अधिकारियों का आरोप है कि जमीर आतंकी समूह के अवैध धन को फर्जी सौदों के जरिये मनी ट्रेल छिपाकर ठिकाने लगाने का काम करती है।
जांच एजेंसी ने पटियाला हाउस कॉम्पलेक्स में विशेष अदालत के सामने जमीर और उसके साथी मासासासोंग एओ के खिलाफ आईपीसी के कई प्रावधानों समेत गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। जमीर को पिछले साल 17 दिसंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली एयरपोर्ट से 72 लाख रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया था।
जमीर उस समय मैरी शिमरांग के फर्जी नाम से अतुला टोंगर और मासासासोंग एओ के साथ यात्रा कर रही थी। इसके बाद इस मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली थी। जांच के दौरान एनआईए को जमीर के आतंकी समूह एनएससीएन (आईएम) से संबंधों की जानकारी मिली।
जमीर इस आतंकी समूह के लिए टैरर फंडिंग जुटाने और उसे बैंक खातों व व्यापारिक संस्थानों का जाल बुनकर वैध रकम के तौर पर ठिकाने लगाती है। एनआईए ने एक बयान में कहा, जमीर को आतंकी समूह में किलोन्सेर (कैबिनेट मंत्री) का पद मिला हुआ है। दूसरा आरोपी मासासासोंग एओ और आतंकी समूह के अन्य साथी रंगदारी वसूलने और उसे विभिन्न तरीके से ठिकाने लगाने में जमीर की मदद करते हैं।
- नागा नेशनल आर्मी के पूर्व चीफ की पत्नी है जमीर
एनआईए के मुताबिक, जमीर नागा नेशनल आर्मी के पूर्व चीफ और फिलहाल आतंकी समूह एनएससीएन (आईएम) की संचालन समिति के एक्जीक्यूटिव मेंबर फंगिंग शिमरांग की पत्नी है।
- जांच में मिले थे 2.70 करोड़ रुपये और हथियार
एनआईए को जमीर की जांच करने के दौरान 2.70 करोड़ रुपये की नकदी और हथियार बरामद हुए थे। साथ ही एनएससीएन (आईएम) के रंगदारी वसूलने के तरीके से जुड़े दस्तावेज, प्रतिबंधित वन्यजीव अवशेष, ड्रोन, सैटेलाइट फोन और जमीन खरीद के कई मामलों से जुड़े दस्तावेज भी मिले थे, जिन्हें सीज कर दिया गया है।