राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु में प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की गैरकानूनी गतिविधियों से संबंधित एक मामले में मंगलवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया और छह स्थानों पर तलाशी ली। इस दौरान चेन्नई, मदुरै, डिंडीगुल और थेनी जिलों में छापे मारे गए। एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि ताजा गिरफ्तारियों के साथ राज्य में पिछले साल दर्ज आपराधिक साजिश के मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 15 हो गई है।
अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में चेन्नई के अब्दुल रज्जाक (47), मदुरै के वकील मोहम्मद यूसुफ (35) और वकील एम मोहम्मद अब्बास (45), डिंडीगुल के काइजर ए (45) और थेनी के साथिक अली (39) को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी के अनुसार जिन जगहों की तलाशी ली गई उनमें आरोपियों की संपत्तियां शामिल थीं और इनमें ज्यादातर घर और फार्महाउस थे। प्रवक्ता ने बताया कि तलाशी में धारदार हथियार, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज समेत कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। एनआईए ने कहा, 'जांच के दौरान पता चला था कि आरोपियों ने अपने 'कथित दुश्मनों' को खत्म करने की साजिश रची थी और योजना बनाई थी। उनके निशाने पर वे लोग थे जो पीएफआई की विचारधारा से नहीं जुड़े थे और पीएफआई के 2047 तक भारत में इस्लामिक स्टेट स्थापित करने की योजनाओं का विरोध कर रहे थे।
इस छापेमारी में दिंदिगुल के पझानी से एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया है। इस व्यक्ति का नाम काइजर ए बताया गया है और कहा गया है कि वह मदुरै क्षेत्र में पीएफआई का अध्यक्ष था।