राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश और दिल्ली की 16 जगहों पर छापेमारी की है। माना जा रहा है कि ये जगह आतंकी संगठन आईएसआईएस के नए मॉडयूल 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम' से जुड़े हैं। ये जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा दी गई है। अमरोहा में अभी तक दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुरादाबाद से आतंकवादी गतिविधियों को देख दिल्ली की स्पेशल सेल और एटीएस ने छापेमारी शुरू की। अमरोहा के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र स्थित सैदपुर इम्मा गांव में रात तीन बजे छापेमारी की गई। इस दौरान एटीएस स्थानीय पुलिस के फोन जब्त कर लिए गए। गांव के ही एक निवासी सईद के घर पर भी छापेमारी की गई। अभी तक यहां कुल सात इलाकों में छापेमारी की गई है।
खबर है कि भारी मात्रा में तमंचा और विस्फोटक पदार्थ बरामद किए गए हैं। बीते सात घंटों से स्पेशल सेल और एटीएस अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।
अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि टीम ने संदिग्ध लोगों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में आरडीएक्स, जिलेटिन छड़ें और टाइमर बरामद किया है। कुछ पिस्टल और तमंचे भी मिले हैं। स्थानीय पुलिस के पास इस छापेमारी की फिलहाल पुष्टि नहीं है। बताया गया है कि एनआईए की टीम तीनों संदिग्धों को उठा कर ले गई है। उनके संबंध आतंकियों से बताए जा रहे हैं।
अमरोहा में मुफ्ती सोहेल इनका मास्टर माइंड बताया जा रहा है। यह दिल्ली के किसी मदरसे में पढ़ाने का काम करता है। संभवतः इसने देवबंद से भी पढ़ाई की है। इसके घर के लोग और रिश्तेदार भी पढ़े-लिखे और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
इससे पहले गृह मंत्रालय की दिसंबर 2017 में आई रिपोर्ट में कहा गया है कि एनआईए ने आईएसआईएस कैडरों के खिलाफ मामलों में 103 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से अधिकतर संख्या में लोग उत्तर प्रदेश से थे।
103 लोगों को आईएसआईएस से सहानुभूति रखने वालों और उनके मॉड्यूल से जुड़े रहने के कारण गिरफ्तार किया गया। इनमें से 17 गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश से की गईं। इस खबर को जल्द ही अपडेट किया जाएगा।