फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

लापरवाही की हद : सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिला को चढ़ाया गया एचआईवी संक्रमित खून

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 26 Dec 2018 10:26 AM IST

सार

  • गर्भवती महिला को चढ़ाया गया एचआईवी से संक्रमित खून
  • दो साल में तीन लैब टेक्नीशियन सस्पेंड
  • महिला और उसके पति को नौकरी और मुआवजे की पेशकश
विज्ञापन
विज्ञापन
फाइल फोटो


करीब दो साल पहले जब इस व्यक्ति ने रक्त दान किया था तब उसके खून में एचआईवी के संक्रमण पाए गए थे। उसे हेपेटाइटिस-बी भी था। ये जांच सरकारी अस्पताल की लैब में की गई। हालांकि उसे इस बारे में कुछ नहीं बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि बीते महीने भी व्यक्ति ने सरकारी बल्ड बैंक में रक्त दान किया था। जब तक एचआईवी संक्रमण के बारे में कुछ पता चलता तब तक महिला को खून चढ़ाया जा चुका था।   


महिला के एचआईवी से संक्रमित होने के बाद एंटी-रेट्रोवाइरल उपचार किया गया। प्राधिकारियों का कहना है कि बच्चे को भी एचआईवी हुआ है या नहीं ये उसके जन्म के बाद ही पता चल पाएगा। बता दें एचआईवी संभोग, संक्रमित खून से फैलता है। इसके अलावा अगर मां एचआईवी से संक्रमित है तो उसके बच्चे को भी ये सकता है। एचआईवी वायरस से संक्रमित मां का दूध यदि बच्चो को पिलाया जाए तो उससे भी बच्चे को एचआईवी हो सकता है। 


इस मामले पर तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉक्टर आर मनोहरन का कहना है कि खामी दो बार हुई है। हमें लैब टेक्नीशियन पर शक है, जिसने एचआईवी का परीक्षण नहीं किया। यह दुर्घटनावश हुआ है जानबूझकर नहीं किया गया। हमने जांच के आदेश दे दिए हैं। हम उस व्यक्ति का भी इलाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से महिला और उसके पति को इस कथित लापरवाही के बाद नौकरी और मुआवजे के पेशकश की गई है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन
Next