घाटी में अलगाववादी नेताओं के खिलाफ आतंकियों को फंड मुहैया कराने के केस के बाद अब खुफिया एजेंसी पत्थरबाजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इस कार्रवाई से घाटी का माहौल बिगाड़ने वालों पर काबू पाया जा सकेगा।
एनआईए ने 28 ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुप की पहचान की है, जो घाटी में अशांति फैलाने और पत्थरबाजों को इकट्ठा करने का काम करते हैं। इन ग्रुप से 6,000 से 7,000 युवा जुड़े हुए हैं। ग्रुप की पहचान से युवाओं को ट्रेस कर पाना आसान होगा। इसके साथ-साथ एजेंसी ने कुछ फेसबुक पेज की भी पहचान की है, जो युवाओं को घाटी का माहौल बिगाड़ने के लिए इक्कठा करते हैं।
एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि, 'घाटी का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। इन सभी लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने का मामला चलेगा। 'गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नई सरकार आने के बाद से हालात बदल चुके हैं। केंद्रीय एजेंसियों के हाथ खोल दिए गए हैं, जिससे वह अलगाववादी और पत्थरबाजों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें।
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जांच एजेंसी इन लोगों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक सबूत इकट्ठा कर रही है। आधिकारी का कहना है कि आतंकियों की तरह पत्थरबाज ऑनलाइन मैसेज के लिए प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ ज्यादातर सबूत उपलब्ध हैं, बस उनकी फॉरेंसिक जांच बाकी है। उसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।