मणिपुर के जिरीबाम जिले में पिछले साल नवंबर में एक महिला की नृशंस हत्या और घरों को जलाने व लूटने की घटना में शामिल दो आरोपियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। दोनों की पहचान नोंगथोमबम मेइराबा और सागोलसेम सनतोंबा उर्फ सुरचंद्र सिंह उर्फ पीबा के रूप में हुई है।
एनआईए अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मामले में बिष्णुपुर जिले का निवासी मेइराबा प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) का सदस्य है। उस पर जैरावन गांव में जोसांगकिम नामक महिला की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है।
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केवाईकेएल का सदस्य बताया जा रहा सागोलसेम
दूसरा आरोपी सागोलसेम थौबल जिले का रहने वाला है। वह मणिपुर के एक अन्य उग्रवादी संगठन कांगलेई यावोल कन्ना लुप (केवाईकेएल) का सदस्य बताया जा रहा है। दोनों आरोपियों को 17 मई तक एनआईए रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
आरोपियों ने पीड़िता को थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया था
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने 7 नवंबर 2024 को 31 वर्षीय आदिवासी महिला की गोली मारकर हत्या की थी। इस दौरान आरोपियों ने उसे थर्ड-डिग्री टॉर्चर दिया था। पीड़िता के शरीर के कई अंग गायब थे। उसका रासायनिक विश्लेषण के लिए विसरा तक एकत्र नहीं किया जा सका था, क्योंकि वह 99 फीसदी जल गई थी और पहचान नहीं हो पा रही थी।
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एनआईए ने केसीपी-पीडब्ल्यूजी के एक कैडर को भी गिरफ्तार किया
एनआईए ने मणिपुर में 2023 के जातीय हिंसा से संबंधित हत्या और अपहरण मामले में उग्रवादी कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वार ग्रुप ( केसीपी-पीडब्ल्यूजी) के एक कैडर को भी गिरफ्तार किया है। एनआईए की टीम ने थौबल जिले के थौबल पखांगखोंग लीराक के वैखोम रोहित सिंह को मामले में साजिश रचने और अपराध को अंजाम देने में कथित संलिप्तता के लिए हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी ने कहा कि एनआईए के साथ अपनी रिमांड पूरी करने के बाद वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
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