राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को तमिलनाडु में आतंकी साजिश मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एनआईए के प्रवक्ता ने इसके बारे में जानकार दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को लिट्टे की आतंकी गतिविधियों को फिर से शुरू करने से संबंधित हथियारों की बरामदगी मामले में वांछित था। वहीं, दूसरी ओर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की साजिश से जुड़े एक अन्य मामले में भी एनआईए ने कार्रवाई की है। इस मामले में तमिलनाडु से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
आतंकी साजिश मामले में हुई गिरफ्तारी
एनआईए के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि अय्यनारप्पन कोइल स्ट्रीट निवासी कबिलार ए उर्फ कबिलन को तंजावुर जिले के ओरथनडु क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ एनआईए ने 11 नवंबर को आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें उसके अलावा दो और आरोपियों का नाम भी शामिल था। हालांकि वह फरार चल रहा था। यह मामला 19 मई को तमिलनाडु में सलेम जिले के ओमालुर थाना क्षेत्र के पुलियामपट्टी डिवीजन के पास वाहन जांच के दौरान दो आरोपियों के पास से दो देसी पिस्तौल, गोला-बारूद और बारूद की बरामदगी से जुड़ा है। एनआईए ने 25 जुलाई को इस मामले में जांच संभाली थी।
लिट्टे की तर्ज पर डब्ल्यूटीजेसी नामक संगठन बनाया था
एनआईए ने कहा कि तीन आरोपियों ने लिट्टे से प्रेरित होकर वर्ल्ड तमिल जस्टिस केस (डब्ल्यूटीजेसी) नामक संगठन बनाया था। आरोपियों ने हिंसक वारदातों और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक तैयार किए थे।
पीएफआई साजिश मामले में भी हुई गिरफ्तारी
एनआईए के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि मदुरई के नेलपेट्टई निवासी उमर शेरिफ आर उर्फ उमर जूस को गिरफ्तार किया गया है। वह इस मामले में गिरफ्तार किया गया 10वां आरोपी है। उन्होंने बताया कि उसे धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करने और सार्वजनिक शांति तथा सद्भाव को बिगाड़ने के इरादे से सांप्रदायिक सौहार्द के लिए हानिकारक गतिविधियों को अंजाम देने, भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करने की साजिश रचने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।