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घमासान: राज्यपाल और सीएम ममता के बीच फिर संग्राम, धनखड़ के खिलाफ राज्यसभा में प्रस्ताव लाएगी टीएमसी

Thu, 27 Jan 2022 10:02 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

प. बंगाल में ममता सरकार और राज्यपाल के बीच तनानती बढ़ती जा रही है। धनखड़ ने कहा कि एनएचआरसी का अवलोकन इस बात को सही ठहराता है कि राज्य में शासक का कानून है, कानून का शासन नहीं।  
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल सरकार और राजभवन के बीच चल रही तनातनी के बीच, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस संसद के आगामी बजट सत्र में राज्यसभा में राज्यपाल जगदीप धनखड़ के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव ला सकती है। पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद ने गुरुवार को यह बात कही।  

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल की वर्चुअल बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सांसद संघीय ढांचे पर कथित हमले और राज्यों के अधिकारों को छीनने की केंद्र की कोशिशों' का मुद्दा उठाएंगे। आईएएस (कैडर) नियमों में संशोधन के केंद्र के हालिया प्रस्ताव का भी इसमें जिक्र होगा। 

राज्यपाल-सीएम के बीच तनातनी
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी सरकार पर नए सिरे से हमला करते हुए मुख्यमंत्री पर संवैधानिक बातों के अत्यधिक उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई चुनाव के बाद की हिंसा पर एनएचआरसी पैनल के अवलोकन को सही ठहराती है जिसमें कहा गया है कि राज्य में कानून का शासन नहीं है।
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मांगी गई जानकारी नहीं देने का आरोप
मंगलवार को ममता बनर्जी को लिखे एक पत्र में जिसे गुरुवार को उनके ही द्वारा सार्वजनिक किया गया था, धनखड़ ने राज्य सरकार पर उनके द्वारा मांगी गई जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह प्रशासन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करें। 

धनखड़ ने ममता बनर्जी को लिखा, संवैधानिक बातों का लगातार और अत्यधिक उल्लंघन हुआ है। एनएचआरसी का अवलोकन भी इसे सही ठहराता है कि राज्य में शासक का कानून है, कानून का शासन नहीं। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा एक बार मांगी गई किसी भी जानकारी को दिखाया नहीं जा सकता है। इसमें विफलता से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार काम करने में असमर्थ है।

22 जनवरी को बनर्जी द्वारा एक संवाद के जवाब में लिखे गए पत्र में कहा गया है कि वह इसमें उनके इस दावे से स्तब्ध हैं कि माननीय राज्यपाल के कार्यालय द्वारा किसी विषय पर दस्तावेजों और फाइलों तक पहुंच की मांग का कोई सवाल ही नहीं उठता। ऐसा मामला पूरी तरह से राज्य के अधिकार क्षेत्र में है, राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में नहीं। 

सुवेंदु अधिकारी ने लिखा पत्र
पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर भारत के क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूमने के अपने मौलिक अधिकार के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया।

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