असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर एनएचपीसी की दो हजार मेगावाट की सुबनसिरी पनबिजली परियोजना के बिजली घर की सुरक्षा दीवार गिर गई। यह सुरक्षा दीवार सुबनसिरी नदी के बढ़ते जल स्तर के कारण गिरी है। अधिकारियों ने जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि घटना शनिवार देर रात की है। सुबनसिरी नदी में उफान होने के कारण यह घटना हुई। कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को बिजलीघर से बाहर निकाल लिया है। सारी मशीनरी बिजली घर में ही है।
एचएचपीसी के एक अधिकारी के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश की तलहटी में भारी बारिश हुई जिसके कारण सुबनसिरी लोअर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में पानी की मात्रा बढ़ गई। नतीजतन, बिजलीघर की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा गिर गया।
कंपनी के अन्य अधिकारी ने बताया कि बिजलीघर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और लगभग तैयार है। लेकिन अब इसे नुकसान होने का खतरा है। परियोजना की एक डायवर्जन टनल भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई।
अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। एनएचपीसी के सलाहकार एएन मोहम्मद के अनुसरा, टनल में भूस्खलन का मुख्य सुबनसिरी परियोजना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण डायवर्जन टनल नंबर 2 के ऊपर की खाली जगह भर जा रही है, इसे स्थिर किया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से बारिश के चलते काम बाधित हो रहा है।
एनएचपीसी ने बांध की नींव के निर्माण के लिए नदी को मोड़ने के लिए अस्थायी उपाय के रूप में पांच डायवर्सन टनलों का निर्माण किया था। लेकिन भूस्खल के कारण दो टनलों अवरुद्ध हो गए।
हालांकि मोहम्मद ने कहा कि बांध निर्माण का 88 फीसदी काम पूरा होने वाला है, डायवर्सन टनल की आवश्यकता खत्म हो गई है और एनएचपीसी इस मानसून के बाद सभी टनलों को जोड़ने की योजना बना रही है।