नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान सरकार से पूछा है कि दिल्ली के आनंद विहार और गाजियाबाद (यूपी) के कौशांबी बस अड्डे पर खड़ी होने वाली सरकारी डीजल बसों को सीएनजी में क्यों तब्दील नहीं किया जा रहा।
प्रधान पीठ ने सभी राज्यों से तीन दिनों में अगले छह महीने और एक साल के भीतर सीएनजी बसों के लिए कार्ययोजना के संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले पर अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को कौशांबी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) के मामले पर यह आदेश दिया। पीठ का यह आदेश तब आया जब संबंधित मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि संबंधित बस अड्डों पर मानक से अधिक वायु प्रदूषण है।