तीस्ता सीतलवाड़ के घर के बाहर पुलिस।
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न्यूज क्लिक (Newsclick) वेबसाइट के पत्रकारों के ठिकानों पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छापे मारी चल रही है। स्पेशल सेल ने मंगलवार को सुबह-सुबह एक साथ दिल्ली, नोएडा और गजियाबाद में रेड मारी है। इस बीच, मुंबई पुलिस के अधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के आवास पर भी पहुंच गए हैं।
बता दें, न्यूज क्लिक से जुड़े विभिन्न परिसरों पर दिल्ली पुलिस की चल रही छापेमारी 17 अगस्त को यूएपीए और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले पर आधारित है। यूएपीए आईपीसी की धारा 153ए (दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छापामारी 30 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ चल रही है। सेल के अधिकारियों ने मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जैसे लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। स्पेशल सेल ने इस मामले में UAPA के तहत केस दर्ज किया है। ये आरोप है कि इस वेबसाइट में चीन की कंपनियों का पैसा लगा है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भी मुकदमा दर्ज किया था। साथ-साथ ईडी ने भी कार्रवाई की थी। हाई कोर्ट ने उस वक्त Newsclick के प्रमोटरों को गिरफ्तारी से राहत दे दी थी, लेकिन अब इस मामले में आने वाले वक्त में आरोपी अरेस्ट हो सकते हैं।
क्या है न्यूज क्लिक से जुड़ा मामला
जानकारी के लिए बता दें कि न्यूज क्लिक एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है। जिसके ऊपर विदेशी फंडिंग का मामला दर्ज हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने चीन का साथ देकर भारत में माहौल खराब करने का आरोप लगाया था। स्पेशल सेल से पहले ईडी भी छापेमारी की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने जानकारी दी थी कि न्यूज क्लिक को विदेशों से लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी। जिसके बाद भाजपा ने आरोप लगाया था कि साल 2005 से 2014 के बीच कांग्रेस को भी चीन से बहुत सारा पैसा मिला। इतना ही नहीं द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि न्यूज क्लिक को विदेशी फंडिंग से 38 करोड़ मिले थे। यह पैसा कुछ जर्नलिस्ट में शेयर हुआ था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने किया था नोटिस जारी
जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले बीती 22 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दायर की गई एक याचिका पर न्यूज क्लिक के सीईओ प्रबीर पुरकायस्थ को नोटिस जारी किया था। जिसमें अपने अंतरिम आदेश को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। जिसमें जांच एजेंसी को कोई भी जबरदस्ती न करने के लिए कहा गया था।
इन धाराओं में हुआ था मामला दर्ज
इस मीडिया पोर्टल के खिलाफ कार्रवाई होईकोर्ट ने 7 जुलाई 2021 को एक आदेश पारित कर कहा था कि प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। हालांकि, यह भी कहा कि जांच अधिकारी द्वारा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। जस्टिस सौरभ बेनराजी की बेंच ने मामले में पुरकायस्थ से जवाब मांगा था। ईओडब्ल्यू की एफआईआर के मुताबिक, आईपीसी की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।