भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का साथ आना नेवले और सांप के साथ आने जैसा है।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि इंडिया गठबंधन बनने से पहले यह लोग छिपकर हिंदू धर्म विरोधी राजनीति करते थे। धर्मनिरपेक्षता का बुर्का पहनकर हिंदू और भारत विरोधी राजनीति करते थे। अब यह खुलकर सनातन धर्म के खिलाफ बोल रहे हैं।
भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोमवार को नर्मदापुरम में पत्रकारों से कहा कि यह गठबंधन सांप और नेवले के साथ आने जैसा है। उन्होंने कहा कि डीएमके का कहना है कि इंडिया गठबंधन सनातन धर्म को खत्म करने के लिए बनाया गया था। दूसरी ओर, एक अन्य सहयोग जाति के आधार पर हिंदू समुदाय को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और डीएमके सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने दो सितंबर को बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म मलेरिया और डेंगू की तरह है और इसलिए इसे खत्म किया जाना चाहिए, न कि केवल इसका विरोध किया जाना चाहिए। उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म को मिटाने के लिए आयोजित एक सम्मेलन में बोल रहे थे।
दरअसल, तमिलनाडु में "संतानम उन्मूलन सम्मेलन" आयोजित किया गया था जिसमें कई बड़े नेता शामिल हुए थे। बड़ी बात ये है कि तमिलनाडु के मानव संसाधन मंत्री पीके शेखरबाबू ने भी भाग लिया, जो हजारों प्राचीन हिंदू मंदिरों को नियंत्रित करते हैं और हजारों को इकट्ठा करते हैं। इस सम्मेलन से जुड़ी एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसमें उनको यह कहते हुए सुना जा सकता कि सनातन धर्म को खत्म करने के लिए इस सम्मेलन में मुझे बोलने का मौका देने के लिए मैं आयोजकों को धन्यवाद देता हूं। आगे बोलते हैं कि मैं सम्मेलन को 'सनातन धर्म का विरोध' करने के बजाय 'सनातन धर्म को मिटाओ' कहने के लिए आयोजकों को बधाई देता हूं।