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Updates: मणिपुर में तीन धार्मिक नेताओं की हत्या की जांच करेगी एनआईए, गृह मंत्रालय ने दिए निर्देश

Wed, 24 Jun 2026 04:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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न्यूज अपडेट - फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व में त्रिपुरा सरकार ने स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज (एजीएमसी) और गोविंद वल्लभ पंत अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर अब निजी तौर पर उपचार नहीं कर पाएंगे। 
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राज्य मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर इस फैसले को शुरुआत में एजीएमसी और जीबीपी अस्पताल में लागू किया जाएगा। ये दोनों राज्य के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं। सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि इस फैसले के तहत इन अस्पतालों में तैनात सभी डॉक्टरों और मेडिकल अधिकारियों को पूरी तरह से इस नई नीति का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी को इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा।

इस रोक के बदले राज्य सरकार ने डॉक्टरों के मूल वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी देने का फैसला किया है, ताकि वे पूरी तरह सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दें और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। इसके साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए त्रिपुरा सामान्य भर्ती बोर्ड(जीआरबीटी) के जरिये 186 तकनीकी सहायकों की भर्ती करने का भी निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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मुख्यमंत्री माणिक साहा स्वयं एक डॉक्टर रहे हैं। वह लंबे समय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। यह निर्णय उसी दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। सरकार जल्द ही इस नीति को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी और इसके पालन की निगरानी के लिए व्यवस्था भी बनाई जाएगी।

कांग्रेस के 28 नेता कल देशभर में करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा की कि 25 जून को देशभर में 'छात्रों की गूंज' नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी, जिनमें 28 वरिष्ठ नेता अलग-अलग शहरों में छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राष्ट्रीय बहस शुरू करना और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। पार्टी ने कहा कि वह शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग कर रही है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की गई है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण, केंद्रीकरण और 'संघीकरण' को बढ़ावा दिया है। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं किया गया है। पार्टी का कहना है कि आज देश में केवल बेरोजगारी ही नहीं, बल्कि रोजगार क्षमता का भी संकट है। कांग्रेस ने कहा, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली का निर्माण करना है। पार्टी ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों से इस चर्चा में शामिल होने की अपील की है।

इस अभियान के तहत 28 शहरों में नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बंगलूरू में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, चेन्नई में प्रियांक खरगे, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत और पुणे में कन्हैया कुमार सहित अन्य नेता शामिल हैं।

बंगलूरू की पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवाएं बहाल

बंगलूरू मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने बुधवार को बताया कि कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर आई तकनीकी समस्या को सफलतापूर्वक दूर कर लिया गया है और पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से फिर शुरू हो गई हैं। मंगलवार शाम व्यस्त समय के दौरान कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर एक ट्रेन में तकनीकी खराबी आने के कारण पर्पल लाइन की सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

इस व्यवधान के चलते कब्बन पार्क और एमजी रोड सहित पर्पल लाइन के कई मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। दफ्तरों से घर लौट रहे बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग बीच रास्ते में फंस गए। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो और ऐप-आधारित कैब जैसी वैकल्पिक परिवहन सेवाओं का सहारा लेना पड़ा।

नम्मा मेट्रो की पर्पल लाइन पूर्व में व्हाइटफील्ड (कडुगोडी) से लेकर दक्षिण-पश्चिम में चल्लाघट्टा तक संचालित होती है। बीएमआरसीएल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा कि कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर उत्पन्न तकनीकी समस्या को संचालन एवं रखरखाव (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) टीम ने सफलतापूर्वक ठीक कर दिया है। कॉरपोरेशन के अनुसार, आज सुबह 5 बजे से पर्पल लाइन पर सभी मेट्रो सेवाएं नियमित समय-सारिणी के अनुसार संचालित हो रही हैं।

तमिलनाडु के विल्लुपुरम में पर्यटक बस पलटी, 10 बच्चों समेत 24 लोग घायल

तमिलनाडु में क्षतिग्रस्त बस - फोटो : आईएएनएस
तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पर्यटक बस का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कम से कम 24 लोग घायल हो गए, जिनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बस के टायर फटने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सड़क पर पलट गई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

भुवनेश्वर जेल के पांच कैदियों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित झारपड़ा जेल के पांच कैदियों की दवा लेने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जेल सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात झारपड़ा जेल के कुछ कैदियों की तबीयत अचानक खराब हो गई। बताया गया है कि कुछ कैदियों के मुंह से झाग भी निकल रहा था। स्थिति गंभीर होते देख सभी प्रभावित कैदियों को तुरंत कैपिटल अस्पताल ले जाया गया। इनमें से दो कैदियों को बाद में बेहतर उपचार के लिए एम्स-भुवनेश्वर रेफर कर दिया गया।

झारपड़ा जेल के अधीक्षक सर्वेश्वर साहू ने बताया, 'कुछ विचाराधीन कैदियों समेत कई बंदियों की दवा लेने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई।' उन्होंने कहा, 'हमने तुरंत सभी प्रभावित कैदियों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें से एक कैदी को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य चार की हालत अब स्थिर है।' घटना की जांच शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।

एसआईआर अभियान में लापरवाही पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नेताओं को किया आगाह

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर कोई नेता एसआईआर अभियान के क्रियान्वयन में पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने एसआईआर को लेकर पार्टी नेताओं के साथ आयोजित एक जूम बैठक में हिस्सा लेते हुए मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका संबंधी रिपोर्टें सामने आई हैं, इसलिए इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

रेवंत रेड्डी ने कहा, एसआईआर का मुद्दा बेहद गंभीर है। कुछ नेता इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि अगर पार्टी को नुकसान पहुंचता है तो वह मूकदर्शक बने नहीं रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें एसआईआर जागरूकता बैठकों को लेकर जिलावार रिपोर्टें मिल चुकी हैं।

मणिपुर में तीन धार्मिक नेताओं की हत्या की जांच करेगी एनआईए

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मणिपुर में पिछले महीने में तीन चर्च नेताओं की हत्या के मामले की जांच के लिए केस दर्ज किया है। बीती 13 मई को हिंसा प्रभावित मणिपुर के कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने चर्च के तीन नेताओं की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए थे। मृतक थडाऊ बैपटिस्ट एसोसिएशन के सदस्य थे और एक धार्मिक सभा में शामिल होने के बाद चुराचांदपुर से लौट रहे थे।

एनआईए द्वारा 8 जून को दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, चुराचांदपुर से कांगपोकपी की ओर जाते समय कोटजिम और कोटलर्न क्षेत्र के बीच स्थित जीरो प्वाइंट पर दो वाहनों पर सशस्त्र हमलावरों ने घात लगाकर हमला किया। एफआईआर के मुताबिक, इस हमले में कुकी समुदाय के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहनों में सवार चार अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए।

घटना के दिन ही मणिपुर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था। बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने हाल ही में मामला अपने हाथ में लेते हुए जांच शुरू कर दी। गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में कहा कि यह मामला सशस्त्र हमलावरों द्वारा नागरिकों के जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा समाज में भय और आतंक का माहौल पैदा करने से जुड़ा है। मामले की गंभीरता, इसके राष्ट्रीय प्रभाव और व्यापक साजिश का पता लगाने की आवश्यकता को देखते हुए इसकी जांच एनआईए द्वारा किया जाना जरूरी है।

भारत और कतर एक-दूसरे के साथ एकजुटता से खड़े हैं- MEA
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'कतर में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें 12 भारतीयों की जान चली गई। कल प्रधानमंत्री को कतर के अमीर का फोन आया। उन्होंने रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए इस दुखद हादसे में भारतीय नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने जान गंवाने वालों के प्रति दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। भारत और कतर एक-दूसरे के साथ एकजुटता से खड़े हैं और कतर में भारतीय नागरिकों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं'।
 
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एसपीजी के प्रमुख आलोक शर्मा का कार्यकाल मार्च 2027 तक बढ़ाया गया
केंद्र सरकार ने विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के निदेशक आलोक शर्मा की सेवा अवधि को नौ महीने के लिए बढ़ाते हुए मार्च 2027 तक कर दिया है। यह विस्तार 1 जुलाई, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक प्रभावी रहेगा। आलोक शर्मा, 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से हैं। वे मूल रूप से 30 जून, 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने यह निर्णय लिया। यह विस्तार, सेवा नियमों में छूट देते हुए किया गया है। सामान्य तौर पर, 60 वर्ष की आयु के बाद सेवा विस्तार की अनुमति नहीं होती है, सिवाय कुछ शीर्ष पदों जैसे रक्षा, विदेश और गृह सचिवों, और खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के। 

एसपीजी प्रधानमंत्री को सशस्त्र सुरक्षा कवर प्रदान करने वाली एक प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई है। आलोक शर्मा, 6 सितंबर, 2023 को तत्कालीन निदेशक अरुण कुमार सिन्हा के निधन के बाद से SPG निदेशक के पद का कार्यभार संभाल रहे हैं। उन्हें नवंबर 2023 में आधिकारिक तौर पर SPG का नया प्रमुख नियुक्त किया गया था। SPG प्रमुख नियुक्त होने से पहले, वे इस बल में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।
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