ओडिशा के रायगढ़ा जिले के रघुबाड़ी रिजर्व फॉरेस्ट से सुरक्षा बलों ने हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह संदिग्ध माओवादी ठिकाना अंबाडाला थाना क्षेत्र में 2 जुलाई को जिला वॉलंटरी फोर्स (DVF) और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के संयुक्त अभियान के दौरान मिला। यह कार्रवाई हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से पूछताछ में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। कार्रवाई से पहले बम निरोधक दस्ते ने इलाके को पूरी तरह सुरक्षित किया, क्योंकि वहां आईईडी लगाए जाने की आशंका थी। तलाशी के दौरान एक .303 राइफल, स्टेन गन के अलग-अलग पार्ट्स, एक देशी हथियार, .303 के 37 कारतूस, 9 एमएम के 25 कारतूस और 10 राइफल ग्रेनेड लॉन्चर शेल बरामद किए गए।
माओवादियों का ठिकाना उजड़ा
रायगढ़ा के एसपी राज प्रसाद ने बताया कि शुरुआती जांच में बरामद हथियार प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के बंशधारा-घुमुसर-नागाबली (BGN) डिवीजन के होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जिले में माओवादियों की गतिविधियों को दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा और संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस के मुताबिक, मई 2025 से फरवरी 2026 के बीच 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद रायगढ़ा ने 31 मार्च तक 'नक्सल मुक्त' बनने का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब सुरक्षा बल छिपाए गए हथियारों की तलाश और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के लिए अभियान जारी रखेंगे।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट 80% पूरा, पहला खंड 2027 में खुलेगा : वैष्णव
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसके पहले सेक्शन का उद्घाटन 2027 में किया जाएगा। यह बात शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के साणंद के सीजी सेमी की ओएसएटी सुविधा में व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के दौरान मीडिया से कही। वैष्णव ने आगे कहा कि मुंबई-अहमदाबाद 508 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है। यह महाराष्ट्र और गुजरात के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगा। इस पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सूरत-बिलीमोरा सेक्शन का उद्घाटन 2027 में होगा। इसके बाद वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अंत में अहमदाबाद-मुंबई सेक्शन क्रमवार शुरू किए जाएंगे। वैष्णव ने कहा कि परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसे तय समयसीमा में पूरा करने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।
देह व्यापार के दलदल से बचाई गईं 17 लड़कियां
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में छापेमारी के दौरान एक कथित देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया और 17 लड़कियों को बचाया। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बचाई गई लड़कियों में से 13 बिहार से, तीन पश्चिम बंगाल से और एक असम से है। लड़कियों की उम्र 11 से 17 साल के बीच है। अधिकारियों ने आगे बताया कि इस्लामपुर पुलिस स्टेशन इलाके में यह ऑपरेशन विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया। छापेमारी के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। हमारी टीमों ने सभी नाबालिगों को सुरक्षित बचाने के लिए तेजी से और तालमेल के साथ काम किया। बचाई गई लड़कियों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया और बाद में काउंसलिंग के बाद सरकारी शेल्टर होम में भेज दिया गया।
केरल: प्रतिबंधित पीएफआई से जुड़े एनआईए मामले का फरार आरोपी कोच्चि की अदालत में सरेंडर
प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मामले में फरार एक आरोपी ने शुक्रवार को एक विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की पहचान एर्नाकुलम जिले के निवासी अयूब टी. ए. के रूप में हुई है। वह वर्ष 2022 में एनआईए द्वारा दर्ज किए गए इस मामले का 69वां आरोपी है। अयूब शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे कोच्चि स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश हुआ। अदालत ने उसे 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उसे कक्कनाड स्थित एर्नाकुलम जिला जेल भेज दिया गया।अधिकारियों के अनुसार, एनआईए पूछताछ के लिए उसकी हिरासत मांगने संबंधी याचिका अदालत में दाखिल कर सकती है।
एनआईए ने वर्ष 2023 में अयूब की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए तीन लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। एनआईए अब तक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े 71 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों को बाद में केरल हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
2047 के विकसित भारत का रोडमैप पंचायतों को मजबूत बनाने पर जोर
वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और मजबूत बनाने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की। इसमें 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के प्रभावी क्रियान्वयन, पंचायतों की वित्तीय मजबूती और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पंचायतों की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें 18 राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया, जबकि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े। बैठक में बताया गया कि 16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4,35,236 करोड़ रुपये के हस्तांतरण की सिफारिश की है। इस राशि का बेहतर उपयोग कर पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता को विशेष प्राथमिकता दी गई। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया कि वे पंचायतों की स्वयं का राजस्व (ओएसआर) बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएं। साथ ही, इस क्षेत्र में अपनाई गई सफल व्यवस्थाओं और नवाचारों को अन्य राज्यों के साथ साझा करने का भी आह्वान किया गया। पंचायती राज मंत्रालय ने बताया कि पंचायतों के लिए एक आदर्श ओएसआर नियम ढांचा तैयार किया जा रहा है।
विदेशी फंडिंग पर शिकंजा, अमेरिकी मिशनरी संगठन के खिलाफ सीबीआई जांच की तैयारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिकी ईसाई मिशनरी संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी अब सीबीआई को पत्र लिखकर विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत जांच शुरू करने की सिफारिश करेगी। ईडी का आरोप है कि संगठन ने विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए भारत में धन भेजने और निकालने के लिए तय बैंकिंग और नियामकीय व्यवस्था को दरकिनार किया।
ईडी ने अप्रैल में बंगलूरू, मैसूर, असम के गोलपाड़ा और छत्तीसगढ़ के धमतरी में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत छापेमारी की थी। यह जांच वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) की संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई। रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिका के ट्रुइस्ट बैंक के डेबिट कार्डों का इस्तेमाल कर भारत में विदेशी धन की निकासी की जा रही थी। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर कर्नाटक और छत्तीसगढ़ पुलिस ने अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। ईडी अब धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत भी मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
एजेंसी का कहना है कि जांच में ऐसे दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि विदेशी धन को सुनियोजित तरीके से नक्सल प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया गया। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य मिटाने और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के इस्तेमाल के भी संकेत मिले हैं। यही जानकारी सीबीआई को भी सौंपी जाएगी।
आंध्र प्रदेश: गांव तक सड़क न होने से नहीं पहुची एंबुलेंस, बीमार छात्रा को पीठ पर बैठा तीन किमी पैदल चलीं टीचर
शिक्षक या शिक्षिका के विद्यार्थियों पर अत्याचार की खबरें तो अक्सर सुर्खियां बनती हैं लेकिन इन्हीं के बीच आंध्र प्रदेश की एक टीचर ने मानवता की मिसाल पेश की है। मान्यम जिले के भद्रगिरी जनजातीय कल्याण बालिका आश्रम स्कूल की वार्डन हेमा ने समय पर चिकित्सा उपचार उपलब्ध न होने पर एक बीमार आदिवासी छात्रा को अपनी पीठ पर लादकर लगभग तीन किलोमीटर का पथरीला रास्ता पैदल पार किया। सातवीं की छात्रा भुवनेश्वरी बीमार थी। पिता की मौत हो चुकी है। घर में कोई नहीं था। हेमा को जानकारी मिली तो तुरंत छात्रा के घर पहुंचीं। गांव तक पक्की सड़क न होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच सकता था। ऐसे में हेमा ने हौसला दिखाया और बच्ची को पीठ पर बांधकर तीन किमी दूर सड़क तक पहुंचाया।
बंगलूरू में BMTC की दो बसों की टक्कर
बंगलूरू के केआर सर्किल में शनिवार सुबह करीब 8 बजे बड़ा सड़क हादसा हो गया। ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी बीएमटीसी की वातानुकूलित वायु वज्र (Vayu Vajra) बस को पीछे से आ रही दूसरी बीएमटीसी बस ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में करीब 20 यात्रियों में से कई घायल हो गए, जबकि टक्कर मारने वाली बस का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गंभीर चोट आई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक महिला यात्री बस के अंदर फंस गई थीं, जिन्हें अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया। हादसे के कारण केआर सर्किल इलाके में कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। वायु वज्र बस के परिचालक ने बताया कि उनकी बस 20-30 सेकंड से सिग्नल पर खड़ी थी, तभी पीछे से दूसरी बस ने टक्कर मार दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ओडिशा के मयूरभंज जिले में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-18 पर एक तेज रफ्तार ट्रक भीड़ पर चढ़ कर एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन से जा टकराया। दरअसल, कई लोग इस जगह पर एक पलटे हुए वाहन को देखने के लिए इकट्ठा हुए थे। इस घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि स्थानीय मीडिया के तीन वीडियो पत्रकारों समेत चार अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना बारिपदा टाउन थाना क्षेत्र के पलाबनी बाईपास के पास हुई। लकड़ियां लेकर जा रहा एक वाहन पलट गया था। वाहन में सवार लोगों को बाहर निकाल लिया गया था और हादसे की कवरेज के लिए वीडियो पत्रकार भी मौके पर पहुंच गए थे। इसी दौरान लोहे के टुकड़े लेकर जा रहा एक तेज रफ्तार ट्रक भीड़ को कुचलते हुए पलटे हुए वाहन से जा टकराया। इस हादसे में कुल छह लोग घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए बारिपदा स्थित पीआरएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि लकड़ियां ले जा रहे वाहन से बचाए गए दो मजदूर बाद में हुए इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान बारिपदा के स्थानीय निवासी शुंगाडिया के एसके जलाउद्दीन और गोड्डीहार के मिहिर मैती के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी घायलों की हालत स्थिर है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है।
पूर्व मंत्री वैगई सेल्वन ने एआईएडीएमके से दिया इस्तीफा, पार्टी नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वैगई सेल्वन ने शुक्रवार को एआईएडीएमके से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी नीतियों से समझौता किया है और कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी डीएमके के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश की है। वैगई सेल्वन ने एआईएडीएमके की प्राथमिक सदस्यता और पार्टी में अपने सभी आधिकारिक पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व "पार्टी और कार्यकर्ताओं के हितों से ऊपर अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दे रहा है।"
अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा, "विधानसभा चुनाव के दौरान मुझे दरकिनार किया जाना मौत से भी बदतर था।" वैगई सेल्वन दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के नेतृत्व वाली सरकार (2011-16) में स्कूल शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी के कई नेताओं, विधायकों और पूर्व मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है। चुनाव में पार्टी को केवल 47 सीटें मिली थीं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर सहित कई नेता सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो चुके हैं।
231 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी मामले में महाराष्ट्र-गुजरात में CBI की छापेमारी
सीबीआई ने शनिवार को महाराष्ट्र और गुजरात में दो निजी फर्मों के दफ्तरों और उनके निदेशकों के ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। यह मामला एसबीआई और केनरा बैंक से जुड़ी 231 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि पहला मामला एसबीआई मुंबई की शिकायत पर मेसर्स आरएल ज्वेल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज किया गया था। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और हेराफेरी के जरिये बैंक को 103.58 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। वहीं, दूसरा मामला केनरा बैंक की शिकायत पर मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज किया गया है। सीबीआई का आरोप है कि कंपनी ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह (कंसोर्टियम) के साथ साजिश रचकर 128.23 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। टेक्सटाइल कारोबार के नाम पर लिए गए बैंक लोन को स्टील, एल्युमिनियम और कोयला व्यापार जैसी गैर-उद्योग गतिविधियों में लगाया गया। अब जब्त दस्तावेज की जांच कर साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
सीबीआई ने रिलायंस कैपिटल के पूर्व सीएफओ बापना को किया गिरफ्तार
रिलायंस कैपिटल लि. के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अमित बापना को सीबीआई ने रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों की जांच में गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने शनिवार को बताया कि अमित बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल के सीएफओ रहे हैं। जांच एजेंसी ने कहा कि बापना ने ऐसे मध्यस्थ और माध्यम कंपनियों को ऋण देने की मंजूरी दी, जबकि उन्हें पता था कि यह आरबीआई के दिशा-निर्देशों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से लिए गए कर्ज की शर्तों के खिलाफ था। एजेंसी के अनुसार रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लि. की ओर से उधार ली गई राशि इन कंपनियों के जरिये रिलायंस कैपिटल लि., रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लि. और रिलायंस पावर लि. तक पहुंचाई गई। इससे कर्ज देने वाले बैंकों को नुकसान हुआ।