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Updates: तेलंगाना में बिजली सौदों की जांच CBI करेगी; IAS सौमित्र मोहन बने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के सचिव

Tue, 05 May 2026 10:11 AM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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तेलंगाना सरकार ने पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (BRS) शासनकाल में बिजली खरीद समझौतों में कथित अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला किया है। कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने अक्टूबर 2024 में 114 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। राज्य के महाधिवक्ता ने भी इस पर अपनी राय दे दी है।

रिपोर्ट में आरोप है कि BRS सरकार ने पड़ोसी राज्यों से बिजली खरीद में अनियमितताएं कीं, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ और भद्राद्री व यादाद्री पावर प्लांट के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ। अंतरराज्यीय समझौतों और कुछ केंद्रीय एजेंसियों की भागीदारी के कारण मामले को सीबीआई को सौंपा गया है।

मंत्री ने कहा कि कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच पर भी जल्द फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा, भूमि पंजीकरण शुल्क में वैज्ञानिक तरीके से बढ़ोतरी, ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों को यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के तहत लाने तथा सरकारी भूमि पर सोलर प्लांट लगाने जैसे फैसले भी कैबिनेट में लिए गए। साथ ही, सरकार ने खरीफ की दूसरी फसल के लिए धान और मक्का की खरीद जारी रखने का निर्णय किया है।

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पश्चिम बंगाल: आईएएस सौमित्र मोहन को राज्यपाल का सचिव बनाया गया
पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सौमित्र मोहन को राज्यपाल आरएन रवि का सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। 2002 बैच के आईएएस अधिकारी मोहन वर्तमान में राज्य के परिवहन विभाग में सचिव के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे श्रम विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।

ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़, 20 करोड़ रुपये की एमडीएमए और हाइड्रो गांजा बरामद
बंगलूरू में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग प्रतिबंधित ड्रग्स सस्ते दामों में खरीदकर उन्हें ऊंचे दाम पर बेचते थे, जिनके ग्राहकों में कॉलेज के छात्र भी शामिल थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 8 किलो 58 ग्राम एमडीएमए और 5 किलो 700 ग्राम हाइड्रो गांजा बरामद किया गया है। इसके अलावा चार मोबाइल फोन और एक कार भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 10.05 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 20.10 करोड़ रुपये है।

यह कार्रवाई बंगलूरू सिटी पुलिस ने यशवंतपुर और नंदिनी लेआउट थाना क्षेत्रों में गुप्त सूचना के आधार पर की। तलाशी अभियान के दौरान अलग-अलग तारीखों पर छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें दो अन्य राज्यों के और चार स्थानीय निवासी हैं।

पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अज्ञात अंतरराज्यीय और स्थानीय सप्लायर्स से एमडीएमए और हाइड्रो गांजा सस्ते दामों पर खरीदते थे और मुनाफे के लिए आम लोगों, खासकर छात्रों को बेचते थे। पुलिस अब इन ड्रग्स सप्लायर्स की पहचान करने में जुटी है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
 

नशीले पदार्थों पर कार्रवाई, साबुन के डिब्बों में छिपी ब्राउन शुगर बरामद, महिला सहित तीन गिरफ्तार
मणिपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। तुइबोंग इलाके में छापेमारी के दौरान साबुन के डिब्बों में छिपाकर रखी गई 994 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई और एक महिला को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार दोपहर एक घर पर छापा मारा गया, जहां 82 साबुन के केस में छिपाकर रखी गई ड्रग्स बरामद हुई। इस मामले में गिरफ्तार महिला की पहचान हाटनेइथेम हाओकिप (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

इससे पहले 3 मई को भी पुलिस ने नियमित जांच के दौरान एक कार को रोककर तलाशी ली थी, जिसमें 27 साबुन के डिब्बों में छिपी ब्राउन शुगर बरामद की गई थी। इस मामले में हेमंत बैते (46) और सैकाइसांगलुन खोंगसाई (20) को गिरफ्तार किया गया था।

केरल में 6 मई को 24 घंटे बंद रहेंगे होटल-रेस्तरां, गैस कीमतों के विरोध में हड़ताल
केरल में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में 6 मई को राज्यभर में होटल, रेस्तरां, बेकरी और कैंटीन 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे। यह बंद केरल होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के आह्वान पर किया जा रहा है।

एसोसिएशन ने बताया कि इस दौरान ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं भी पूरी तरह बंद रहेंगी। यह कदम गैस कीमतों में हुई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग को लेकर उठाया गया है। KHRA के अनुसार, राज्यभर में पेट्रोलियम कंपनियों और केंद्र सरकार के दफ्तरों के सामने विरोध मार्च और धरने आयोजित किए जाएंगे।

एर्नाकुलम  में पनमपिल्ली नगर स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा, जिसका उद्घाटन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जी. जयपाल करेंगे। इसके अलावा, राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

केएचआरए के पदाधिकारियों ने कहा कि कई व्यापार निकायों-केरल व्यापारी व्यवसाई एकोपना समिति, केरल व्यापारी व्यवसाई समिति, ऑल केरल कैटरर्स एसोसिएशन और हॉस्टल ओनर्स फेडरेशन- ने बंद को समर्थन दिया है।

पश्चिम बंगाल में 8 मई तक बारिश और आंधी का अलर्ट, उत्तर के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में 8 मई तक आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और अनुकूल हवाओं के चलते राज्य के अधिकांश जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने खास तौर पर उत्तर बंगाल के सब-हिमालयी जिलों जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूच बिहारमें 6 मई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम की इन परिस्थितियों के कारण राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। वहीं, कोलकाता में मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। शहर में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है।
 

ओडिशा में आंधी-तूफान का कहर: पेड़ गिरने से तीन महिलाओं की मौत
ओडिशा के कोरापुट जिला में तेज आंधी-तूफान ने जानलेवा रूप ले लिया। सोमवार शाम नंदापुर ब्लॉक के पेदाबयालू बाजार क्षेत्र में एक विशाल पेड़ गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गई।

पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब चारों महिलाएं बाजार में मौजूद थीं। अचानक तेज हवाओं, बारिश और गरज-चमक के बीच पेड़ जड़ से उखड़कर उनके ऊपर गिर पड़ा। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायल महिला का इलाज जारी है।

स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। नंदापुर के बीडीओ दुर्गा प्रसाद डोरा और क्षेत्रीय विधायक राम चंद्र कडम ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है, वहीं प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

ओडिशा के अंगुल में स्पंज आयरन फैक्ट्री में हादसा, तीन मजदूरों की मौत
ओडिशा के अंगुल जिले में एक स्पंज आयरन फैक्ट्री में दम घुटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा सोमवार देर रात निशा थाना क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री की कूलिंग यूनिट में हुआ। मृतकों की पहचान श्रीधर बघेल, पिंटू कुमार और मंगल माझी के रूप में हुई है। ये तीनों मजदूर सुंदरगढ़ जिले के रहने वाले थे।

फैक्ट्री में तीनों को बेहोश पाया गया था। उन्हें तुरंत हिंडोल के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अंगुल के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रताप प्रीतिमय ने बताया कि पीड़ितों के साथ हुए बर्ताव के हालात की भी जांच की जा रही है। यह भी जांच हो रही है कि पीड़ितों को पास के स्वास्थ्य केंद्र के बजाय पड़ोसी जिले ढेंकनाल के अस्पताल क्यों ले जाया गया।

अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी भी तरह की आपराधिक लापरवाही सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई होगी। मृतकों के परिवारों को नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। शुरुआती जांच में मौत की वजह दम घुटना लग रही है, लेकिन असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगा। प्रशासन अगले 15 दिनों के भीतर फैक्ट्री का सेफ्टी ऑडिट भी कराएगा।

अत्याधुनिक मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस होगी सेना, बीईएल से 1,476 करोड़ का सौदा
रक्षा मंत्रालय ने सेना की तकनीकी क्षमता मजबूत करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. (बीईएल) के साथ 1,476 करोड़ रुपये का करार किया है। इस समझौते के तहत सेना के लिए पांच ग्राउंड-बेस्ड मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खरीदे जाएंगे। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में इस समझौते पर मुहर लगाई गई। इस खरीद में कम से कम 72 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री शामिल होगी।
ग्राउंड-बेस्ड मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम आधुनिक युद्धक्षेत्र में संचार और इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों की निगरानी, विश्लेषण और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं। यह सिस्टम मोबाइल (गतिशील) प्लेटफॉर्म पर आधारित होता है। जिससे इसको तेजी से तैनात किया जा सकता है। इस प्रणाली की डिजाइनिंग से लेकर इसके पुर्जों के निर्माण तक का अधिकांश हिस्सा भारत में ही तैयार होगा। इस सौदे से सेना डिजिटल युग के युद्ध के लिए और अधिक स्मार्ट बनेगी। 

विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी
नए मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की खरीद से सेना के पास अत्याधुनिक तकनीक वाले इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम होंगे। यह आज के डिजिटल युद्ध वाले दौर में बेहद जरूरी हैं।

मोबाइल यानी गतिशील होने के कारण इन्हें सीमा पर कहीं भी आसानी से तैनात कर दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही 1,476 करोड़ रुपये के निवेश और स्थानीय विनिर्माण से रक्षा क्षेत्र में नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे और एमएसएमई को भी काम मिलेगा।
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विदेशी निवेश प्रस्तावों पर 12 सप्ताह में फैसला करना अनिवार्य, केंद्र ने जारी किए नए मानक
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्तावों (एफडीआई) के निपटान के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। अब विदेशी निवेश प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए अधिकतम 12 सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इसमें आवेदकों द्वारा कमियों को दूर करने या मांगी गई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने में लगा समय शामिल नहीं होगा। इससे पहले जारी मानकों के तहत एफडीआई प्रस्तावों की मंजूरी के लिए अधिकतम 10 सप्ताह का समय निर्धारित था।

डीपीआईआईटी के मुताबिक, नए एसओपी का मकसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आवेदन प्रक्रिया कागजरहित बनाना है। अब आवेदकों को किसी भी दस्तावेज की भौतिक (हार्ड कॉपी) जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। किसी भी प्रस्ताव में शामिल सभी मंत्रालयों एवं विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी टिप्पणियां देनी होंगी। यदि निर्धारित समय में टिप्पणियां प्राप्त नहीं होती तो माना जाएगा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। 5,000 करोड़ से अधिक के मामले में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति निर्णय लेगी। सरकारी स्वीकृति की आवश्यकता वाले आवेदन विदेशी निवेश सुविधा या राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाने चाहिए।  भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान से निवेश पर अलग से निर्देश शामिल किए गए हैं। सीमावर्ती देशों से आने वाले एफडीआई प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी देने के लिए 40 उप-क्षेत्रों की पहचान की है। इनका निपटारा 60 दिनों के भीतर किया जाएगा।
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