ओडिशा में जमानत पर छूटे व्यक्ति ने फिर पीड़िता के यौन शोषण का किया प्रयास
ओडिशा के बरहामपुर में बाल यौन शोषण मामले में जमानत पर छूटे 27 वर्षीय व्यक्ति ने छात्रा का फिर यौन शोषण करने का प्रयास किया। उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। के नुआगांव थाना क्षेत्र का रहने वाला आरोपी पेशे से बढ़ई है।
14 वर्षीय लड़की के पिता ने सोमवार को बैद्यनाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि आरोपी को 31 मार्च को बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में गिरफ्तार किया गया था। जमानत पर रिहा होने से पहले वह चार महीने न्यायिक हिरासत में रहा था। एसपी सरवण विवेक एम ने बताया कि उसने फिर से उसी पीड़िता के साथ ऐसा ही अपराध करने की कोशिश की। एक अन्य मामले में पुलिस ने हिंजिली के पास संतोषपुर निवासी 29 वर्षीय व्यक्ति को गंजम जिले के निजी स्कूल की 27 वर्षीय महिला संस्कृत शिक्षिका के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फार्मासिस्ट जीवन मिश्रा के रूप में हुई है। पीड़िता एक साल से उसके संपर्क में थी। 13 जुलाई को आरोपी उसे अपने मौसी के घर ले गया और यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की।
भारत ने चार यूरोपीय देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते की मंजूरी का दस्तावेज नॉर्वे को सौंपा
भारत ने यूरोपीय मुक्त व्यापार एसोसिएशन वाले चार देशों (ईएफटीए) के साथ मुक्त व्यापार समझौते को मंजूरी वाला दस्तावेज नॉर्वे को सौंप दिया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया, व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (टीईपीए) आधिकारिक रूप से 1 अक्तूबर से लागू होगा। नॉर्वे स्थित भारतीय दूतावास की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, भारत ने मंगलवार को नॉर्वे के विदेश मंत्रालय में भारत और ईएफटीए के बीच टीईपीए की मंजूरी का दस्तावेज प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के बीच 10 मार्च, 2024 को समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। ईएफटीए में नॉर्वे के अलावा आइसलैंड, लिचेंस्टिन और स्विटजरलैंड शामिल हैं। समझौते के तहत, भारत को समूह से 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है, जबकि स्विस घड़ियों, चॉकलेट और कटे और पॉलिश किए गए हीरों जैसे कई उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर अनुमति दी गई है।
बंगाल सरकार सीईओ कार्यालय को अलग करे : निर्वाचन आयोग
चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के लिए अलग कार्यालय देने को कहा है। राज्य सरकार को लिखे पत्र में ईसीआई ने सीईओ की वित्तीय और प्रशासनिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत को भेजे पत्र में चुनाव आयोग के अवर सचिव आशुतोष एम ने यह भी कहा कि सीईओ कार्यालय को गृह विभाग से अलग करने की जरूरत है। सीईओ की वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता वर्तमान में सीमित है। गृह विभाग के अधीन होने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होती है। एक अलग, स्वायत्त चुनाव विभाग बनाया जाना चाहिए। राज्य में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष होने वाले हैं।