तेलंगाना सरकार ने पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों के आदिवासी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने दो जिलों के 20 आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें आधिकारिक रूप से गिरी दर्शक (टूरिस्ट गाइड) के रूप में नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को इन युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह पहल उन क्षेत्रों में की गई है जो पहले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे हैं।
‘गिरी दर्शक’ पहल को एक समन्वित बहु-विभागीय योजना के रूप में लागू किया गया है, जिसमें तेलंगाना पुलिस, वन विभाग, पर्यटन विभाग, एंडोमेंट विभाग और ITDA मिलकर काम कर रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य मलकुर्गु और भद्राद्री कोठागुडेम जैसे जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। केंद्र सरकार ने इन जिलों को नक्सल मुक्त श्रेणी में रखा है।
चयनित युवाओं को करीब एक महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें टूर गाइडिंग, व्यवहार कौशल, विरासत ज्ञान, सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा शामिल हैं। इन युवाओं को अब पर्यटन स्थलों, इको-टूरिज्म और तीर्थ स्थलों पर तैनात किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले।
श्रीलंका से लौटे तमिलनाडु के 15 मछुआरे
श्रीलंका की हिरासत से रिहा किए गए 15 तमिलनाडु के मछुआरे बुधवार सुबह चेन्नई पहुंचे। इन मछुआरों को इस साल की शुरुआत में श्रीलंकाई नौसेना ने समुद्री सीमा पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मछुआरों की वापसी भारत-श्रीलंका वार्ता के बाद संभव हो सकी, जिसमें भारत के उपराष्ट्रपति ने कोलंबो में श्रीलंकाई नेताओं से बातचीत की थी। यह उनकी पहली आधिकारिक श्रीलंका यात्रा थी। तमिलनाडु मत्स्य विभाग ने सभी मछुआरों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है।