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Updates: मेघालय विधानसभा में सेल्फी वीडियो पर रोक, स्पीकर का आदेश; असम में इस वर्ग को मिलेगा 3 प्रतिशत आरक्षण

Wed, 18 Feb 2026 11:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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न्यूज अपडेट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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असम कैबिनेट ने मंगलवार को चाय जनजाति और आदिवासी समुदायों के लिए क्लास I और क्लास II राज्य सरकार की नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण देने को मंजूरी दे दी। ये समुदाय राज्य के सबसे पिछड़े तबकों में से है और इस कदम से सरकार इस वर्ग के हालात को सुधारना चाहती है। सीएम सरमा ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। यह फैसला सीएम सरमा की अध्यक्षता में दिसपुर में असम विधानसभा कॉम्प्लेक्स में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार के इस कदम से, चाय जनजाति और आदिवासी समुदायों को अब राज्य में क्लास III और क्लास IV पदों में मौजूदा कोटे के अलावा, ऊंचे स्तर की सरकारी सेवाओं में भी आरक्षण का फायदा मिलेगा। 
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मेघालय विधानसभा में सेल्फी वीडियो पर रोक, स्पीकर का सख्त आदेश
मेघालय विधानसभा के स्पीकर थॉमस ए. संगमा ने सदन के भीतर विधायकों द्वारा सेल्फी वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने इसे संसदीय मर्यादा और परंपराओं का उल्लंघन बताया। यह फैसला उस घटना के बाद आया, जब विपक्षी दल वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी के प्रमुख अर्देंट बसाईवमोइट ने बजट सत्र के दौरान सदन में अपनी मौजूदगी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। हालांकि बाद में उन्होंने वह पोस्ट हटा दिया।

स्पीकर थॉमस ए संगमा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि किसी सदस्य द्वारा कार्यवाही के दौरान स्वयं का वीडियो बनाकर उसे सार्वजनिक करना संसदीय परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही के दौरान इस तरह की गतिविधि नियमों की भावना के अनुरूप नहीं है और इससे सदन की गरिमा प्रभावित होती है। स्पीकर ने कहा कि विधानसभा के नियमों और कार्य संचालन की प्रक्रिया के तहत सदस्यों के आचरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से नियम 275 का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन के भीतर इस प्रकार की रिकॉर्डिंग नियमों की भावना के खिलाफ है।
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इंडो-म्यांमार सीमा पर सेना का सुरक्षा अभियान: IED और विस्फोटक नष्ट कर 2.6 किमी क्षेत्र साफ किया
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह सैनिटाइजेशन और डिमाइनिंग ऑपरेशन सरकारी एजेंसियों की मांग पर किया गया, ताकि पुराने विद्रोही शिविरों के कारण रुके हुए सीमा बाड़ कार्य को फिर से शुरू किया जा सके। रेड शील्ड डिविजन ने यह अभियान 16 और 17 जनवरी के बीच मणिपुर के यांगोबुंग क्षेत्र में इंडो-म्यांमार सीमा पर संचालित किया।

अधिकारी ने बताया कि टीम ने कठिन सुरक्षा परिस्थितियों और घने जंगल में काम करते हुए 2.6 किमी लंबा और 13 मीटर चौड़ा कॉरिडोर पूरी तरह साफ किया। इस दौरान नौ IED और दो अनसुलझे विस्फोटक को निष्क्रिय किया गया। इस अभियान की सफलता से सर्वे ऑफ इंडिया की टीमें और निर्माण एजेंसियां सीमा बाड़ और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्यों को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ा पा रही हैं।

केरल: महिला की आत्महत्या मामले में यूथ कांग्रेस नेता गिरफ्तार
केरल के पथानमतिट्ठा जिले में एक 35 वर्षीय महिला की आत्महत्या के मामले में यूथ कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय नेता सुहैल अंसारी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला चार दिन पहले कदंबनद स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी पाई गई थी। पुलिस को बरामद सुसाइड नोट में अंसारी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस के अनुसार, अंसारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने और पीछा करने के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने महिला के साथ अपनी दोस्ती का फायदा उठाया। परिवार को जानकारी होने के बाद भी वह फोन और सोशल मीडिया के जरिये उसे परेशान करता रहा। विस्तृत पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पश्चिम बंगाल एसआईआर: चुनाव आयोग ने तीन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को निलंबित किया
पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे तीन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने निलंबित कर दिया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। निलंबित सूक्ष्म पर्यवेक्षकों पर काम में लापरवाही बरतने का आरोप है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि ईसीआई द्वारा नियुक्त जिला मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आज दोपहर तीन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को निलंबित कर दिया है। ईसीआई में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत मतदाता सूची सूक्ष्म पर्यवेक्षकों (ईआरएमओ) को अपने काम का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए और यदि वे अपना काम किसी और को सौंपते हैं, तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।

जिन तीन सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों को निलंबित किया गया है, उनमें बंगाल ग्रामीण विकास बैंक के एक प्रबंधक, सार्वजनिक क्षेत्र के यूको बैंक के एक वरिष्ठ प्रबंधक और एक केंद्रीय उत्पाद शुल्क निरीक्षक शामिल हैं। राज्य में चल रहे एसआईआर के लिए चुनाव आयोग द्वारा उन्हें सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। आयोग ने तीनों सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उनके मूल नियुक्तिकर्ता प्राधिकरण द्वारा चुनाव आयोग को जांच की प्रगति की नियमित जानकारी दी जाएगी।

तेलंगाना: मंत्री के काफिले पर पत्थरबाजी, पूर्व BRS विधायक बाल्का सुमन गिरफ्तार
तेलंगाना में मंत्री जी विवेक वेंकटस्वामी के काफिले पर हुई पत्थरबाजी के मामले में पूर्व BRS विधायक और सांसद बाल्का सुमन को मांचेरील जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सुमन और अन्य के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। सुमन को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मंगलवार को मांचेरील जिले में मंत्री और कांग्रेस नेताओं के काफिले पर यह हमला हुआ था, जब वे क्याथनपल्ली नगर निगम अध्यक्ष के चुनाव में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल घायल हुआ।

BRS कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने इसे अवैध गिरफ्तारी और कायरता का प्रदर्शन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री विवेक वेंकटस्वामी चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहे थे और अधिकारी तथा पुलिस कांग्रेस नेताओं के आदेशों का पालन कर रहे थे। रामाराव ने कहा कि क्याथनपल्ली नगर निगम चुनाव में जनता का रुख BRS के पक्ष में था, लेकिन कांग्रेस परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी।

तेलंगाना में व्यक्ति ने महिला को किया आगे के हवाले
हैदराबाद में मंगलवार को महबूबाबाद शहर में एक विवाहित महिला को कथित तौर पर एक व्यक्ति ने इसलिए आग के हवाले कर दिया, क्योंकि उसने उसका शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। पुलिस ने यह जानकारी दी।  पुलिस के अनुसार, आरोपी (40 वर्षीय) एक दुकान चलाता है। उसने कथित तौ पर महिला (28 वर्षीय) के साथ एक 'अनैतिक' संबंध बना लिए थे। उसे शक था कि महिला किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क में है और उसे 'नजरअंदाज' कर रही है। जब महिला अपने घर पर अकेली थी, आरोपी ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद उसने महिला को गले लगाया। दोनों को चोटें आईं।  शुरुआत में उन्हें महबूबाबाद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में आगे के इलाज के लिए वारंगल के एक अन्य सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला इस घटना में 90 फीसदी तक झुलस गईं, जबकि आरोपी को 75 फीसदी।

महिला की मां ने पुलिस में शिकायत में कहा कि उनकी बेटी गुदुर मंडल के एक पुरुष से विवाहित थी। पारिवारिक विवाद के कारण महिला अपने दो बच्चों के साथ महबूबाबाद आ गई थी और पिछले तीन साल से वहां रह रही थी। वह एक सब्जी की रेहड़ी चला रही थी। पुलिस ने कहा, आरोपी पहले से विवाहित था और उसकी पत्नी का देहांत हो चुका था। उसने महिला के साथ 'अनैतिक' संबंध बना लिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने महिला को उससे शादी करने के लिए मजबूर किया और उसे परेशान किया। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर इस घटना को लेकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला पांच दिवसीय दौरे पर आज भारत आएंगे
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे। भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हाजिंस्की दा नोब्रेगा ने बताया कि राष्ट्रपति लूला अब तक का सबसे बड़ा ब्राजीली प्रतिनिधिमंडल लेकर भारत पहुंचेंगे। इस दौरान उनके साथ कई केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्योग जगत के शीर्ष सीईओ शामिल होंगे।
राजदूत ने कहा कि भारत और ब्राजील के संबंध तकनीक, नवाचार, डिजिटल क्षेत्र, अर्थव्यवस्था और व्यापार में लगातार मजबूत हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 21 फरवरी को राष्ट्रपति लूला की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह दौरा भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इसमें दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा कर आपसी सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। 
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सोनिया ने मुझे 2014 में शपथ की तारीख तय करने को कहा था: हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 2014 के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि उस समय की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें असम का मुख्यमंत्री बनने के लिए शपथ ग्रहण की तारीख स्वयं तय करने को कहा था। सरमा के अनुसार उस समय कांग्रेस के 58 विधायक उनके समर्थन में थे, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं।

कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि 2011 के विधानसभा चुनावों के बाद असम कांग्रेस में असंतोष की स्थिति बनी थी। एक धड़ा तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के स्थान पर उनके नेतृत्व का समर्थन कर रहा था। सरमा ने कहा, मैडम (सोनिया गांधी) ने मुझसे शपथ की तारीख तय करने को कहा था। मैंने उनसे कहा था कि मैं जून 2014 में कामाख्या मंदिर के अंबुबाची मेले के बाद शपथ लूंगा। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उस समय अमेरिका में मौजूद राहुल गांधी द्वारा पार्टी नेताओं से बातचीत के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए।

जीवन में जो होता है, अच्छे के लिए ही होता है...
सरमा ने कहा, उस समय मुझे ठेस पहुंची थी, लेकिन अब मुझे लगता है कि जीवन में जो होता है, अच्छे के लिए ही होता है। उन्होंने कहा, यदि वे कांग्रेस में बने रहते तो शायद उन्हें वह अवसर नहीं मिलता, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिला। उल्लेखनीय है कि 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सरमा ने 2021 में असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सरमा ने कहा, भाजपा के मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें असम और सनातन धर्म की सेवा का अवसर मिला। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में यदि वे अपनी आत्मकथा लिखेंगे तो इन घटनाक्रमों का विस्तार से उल्लेख करेंगे।
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