महाराष्ट्र में जारी मराठा आरक्षण आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारी मंत्रियों के आवासों और दफ्तरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। सोमवार को राज्य के कई क्षेत्रों में हुए हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन जारी है । मराठा आरक्षण पर नारेबाजी करते हुए दो लोगों ने राज्य मंत्री और राकांपा नेता हसन मुश्रीफ के आवास पर वाहनों को तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुणे में बाजार बंद का एलान
मराठा आरक्षण आंदोलन का समर्थन करते हुए पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज मार्केट के मजदूर संघ ने एक दिन के लिए बाजार बंद का एलान किया है। एपीएमसी के अंतर्गत आने वाले सभी व्यापार और व्यवसाय ने आज कार्यकर्ता मनोज जरांगे के समर्थन में एक दिन के लिए बंद का आह्वान किया है।
मजदूर संघ के अध्यक्ष संतोष नागरे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मराठा लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए। मनोज जरांगे पाटिल पिछले आठ दिनों से इसके लिए भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। उनका समर्थन करने के लिए हम सभी ने मिलकर एक बैठक बुलाई, जिसमें हमने एक दिन के लिए बंद का फैसला किया।'
उन्होंने आगे बताया कि रोजाना बाजार में 20,000 से 25,000 लोग आते हैं और इस बाजार का रोजाना व्यापार 15 करोड़ से 20 करोड़ तक का होता है। बता दें कि मराठा आरक्षण को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे का भूख हड़ताल जारी है। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकर्ताओं से हिंसा से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया।