महाराष्ट्र में पुणे के पिंपरी चिंचवड़ इलाके में सिलेंडर लीक के बाद विस्फोट में पांच लोग घायल हो गए। यह घटना सुबह के साढ़े पांच बजे घटी। दमकल अधिकारी ने बताया कि धमाका तब हुआ जब वहां रहने वाले एक निवासी ने गैस स्टोव चालू किया। अधिकारियों को संदेह है कि रात भर गैस लीक हुई होगी। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
झारखंड में लापता विमान का पता लगाने तलाशी अभियान में शामिल होगी NDRF की टीम
झारखंड के सरायकेला खारस्वान जिले में दो सीटर वाले विमान का पतीा लगाने के लिए एनडीआरएफ की टीम बुधवार को तलाशी अभियान में शामिल होगी। दरअसल, यहां के एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद विमान लापता हो गया था। मंगलवार की आधी रात से तलाशी अभियान जारी है। सब डिवीजनल पुलिस अधिकारी (चांडिल) सुनील कुमार रजवार ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम बुधवार को तलाशी अभियान में शामिल होगी।
तमिलनाडु में पत्थर की खदान में विस्फोट, दो की मौत
तमिलनाडु के इरोड जिले में मंगलवार की देर रात एक गैर-लाइसेंसी निजी पत्थर खदान में हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई। मृतक खदान में ही काम करते थे। उनमें से एक कर्नाटक का रहने वाला था। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विस्फोट में दो लोगों की मौत होने पर शोक व्यक्त किया और पीड़ितों के परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने का एलान किया।
दो हाई कोर्ट के 11 अतिरिक्त न्यायाधीश स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत
इलाहाबाद हाई कोर्ट के नौ न्यायाधीशों सहित दो उच्च न्यायालयों के 11 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। केंद्रीय कानून मंत्रालय के अनुसार आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को भी स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
यूपी कारागार विभाग के प्रधान सचिव को सुप्रीम फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग के प्रधान सचिव को एक दोषी की स्थायी छूट की याचिका पर कार्रवाई में देरी के संबंध में न्यायालय में दायर हलफनामे में गलत बयान देने के लिए फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने पाया कि हलफनामे में ऐसे बयान शामिल हैं जो उनके पहले के रुख के विपरीत हैं कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने आदर्श आचार संहिता के कारण फाइल पर कार्रवाई में देरी की। जस्टिस अभय ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा, 14 अगस्त को हलफनामे में लिया गया रुख उसी अधिकारी के दिए गए गंभीर बयानों से पूरी तरह अलग है, जिन्हें इस अदालत के 12 अगस्त के आदेश में दर्ज किया गया था। वास्तव में, हलफनामे में दिए गए कुछ बयान झूठे प्रतीत होते हैं। पीठ ने चेतावनी दी कि वह हलफनामे में गलत बयान देने के लिए अवमानना नोटिस जारी करने पर विचार कर सकती है और प्रधान सचिव को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करने की अनुमति दी। इस मामले में अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। अगली तारीख पर प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के लिए भी कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त को उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को इस हलफनामे पर अपना रुख रखने का निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का हवाला देते हुए दोषी की स्थायी छूट याचिका से जुड़ी फाइल स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 13 मई को कहा था कि आदर्श आचार संहिता छूट तय करने में आड़े नहीं आएगी।