असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, कार्बाइन मशीन गन समेत कई चीजें बरामद कीं। वहीं एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया।
मणिपुर पुलिस के साथ चलाए गए अभियान के तहत असम राइफल्स ने 13,11,130 रुपये नकद, एक कार्बाइन मशीन गन, एक पिस्तौल, एक ग्रेनेड, एक शॉटगन और गोला-बारूद के साथ एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। बरामद सामान के साथ पकड़े गए व्यक्ति को आगे की जांच के लिए उखरुल पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
भारत-अमेरिका कार्यकारी संचालन समूह की बैठक शुरू
भारत-अमेरिका कार्यकारी संचालन समूह (ईएसजी) की बैठक यूएस आर्मी पैसिफिक के मुख्यालय में शुरू हुई।
लेफ्टिनेंट जनरल टीके आइच डीसीओएएस (रणनीति) के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल को लाइटनिंग अकादमी और एविएशन ब्रिगेड की क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई। बता दें, ईएसजी बैठक भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग की व्यस्तताओं पर चर्चा करने और योजना बनाने के लिए रूपरेखा तैयार करती है।
करंट लगने से कम से कम 13 बच्चे घायल
कुरनूल जिले के चिन्ना टेकूर गांव में उगादी उत्सव समारोह के दौरान बच्चों को करंट लगने का मामला सामने आया है।
कुरनूल ग्रामीण पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर किरण कुमार का कहना है कि कुरनूल जिले के चिन्ना टेकूर गांव में उगादी उत्सव समारोह के दौरान करंट लगने से कम से कम 13 बच्चे घायल हो गए।
झारखंड में 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में गुरुवार को 12 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। लाल विद्रोही सारंडा और कोल्हान के जंगलों में सक्रिय थे।
अधिकारी ने बताया कि 12 नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। वे सारंडा और कोल्हान क्षेत्रों में सक्रिय थे और माओवादी मिसिर बेसरा के समूह से संबंधित थे, जिसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम है। पश्चिमी सिंहभूम को देश के सबसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में से एक माना जाता है।
केरल हाईकोर्ट ने माकपा की याचिका की खारिज
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को माकपा नेता एम स्वराज की एक याचिका खारिज कर दी। दरअसल, याचिका में साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान त्रिपुनिथूरा सीट से केरल के पूर्व मंत्री के बाबू के निर्वाचन को अमान्य घोषित करने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति पीजी अजित कुमार ने सुषमा की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि बाबू ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल अपने पक्ष में वोट जुटाने के लिए किया था।
विस्तृत आदेश अभी तक अदालत की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है। याचिका में स्वराज ने बाबू और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भगवान अयप्पा के नाम पर वोट जुटाने का आरोप लगाया था। माकपा नेता ने आरोप लगाया था कि इसके परिणामस्वरूप जनप्रतिनिधित्व कानून के कई प्रावधानों के तहत भ्रष्ट तरीके से चुनाव हुआ था।