पुलिस के मुताबिक, दिव्या को एंबुलेंस में अस्पताल ले जाते समय आरोपी शाहबाज ने बच्ची को इब्राहिमपट्टनम क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों में छोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने नवजात को देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को बचाया और एक एनजीओ को सौंप दिया।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा जिले के पास एक बेरहम पिता ने अपनी नवजात बच्ची को सड़क के किनारे झाड़ियों में मरने के लिए छोड़ दिया। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इब्राहिमपट्टनम इलाके में स्थानीय लोगों ने बच्ची को झाड़ी में लावारिस पाया और पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात बच्ची को बचाया।
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पुलिस ने कहा कि नवजात बच्ची के पिता की पहचान मोहम्मद शाहबाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। शाहबाज ने कथित तौर पर नवजात को झाड़ी में मरने के लिए छोड़ दिया था। पुलिस के मुताबिक, नवजात बच्ची की मां की पहचान दिव्या के रूप में की गई है। दिव्या को 23 दिसंबर को हैदराबाद के उस्मानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी।
घटना पर पुलिस अधिकारी का बयान
इब्राहिमपट्टनम सर्कल इंस्पेक्टर श्रीधर ने मीडिया को बताया कि मछलीपट्टनम जिले के मूल निवासी शाहबाज और दिव्या पिछले कुछ वर्षों से हैदराबाद में रह रहे थे। हाल ही में वे एक बच्ची के माता-पिता बने। श्रीधर ने कहा कि इस बीच दिव्या की तबीयत बिगड़ गई। शाहबाज एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल ले जा रहा था। इस दौरान उसने बच्ची को इब्राहिमपट्टनम के दोनाबांडा में कंटीली झाड़ियों में छोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने नवजात को खुले में देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को बचाया और एक एनजीओ को सौंप दिया।
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उन्होंने कहा कि जैसे ही हमें स्थानीय लोगों से सूचना मिली, हम तत्काल मौके पर पहुंचे और बच्ची को बचा लिया। दिव्या और मोहम्मद शाहबाज हैदराबाद में साथ रह रहे थे। दिव्या ने मौत से कुछ दिन पहले एक बच्ची को जन्म दिया था। हमने स्थानीय लोगों की मदद से शाहबाज को पकड़ लिया और मामले की जांच की जा रही है। हम बहुत जल्द उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करेंगे।