अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। खबर आ रही है कि अब न्यूयार्क के अटार्नी जनरल उन पर केस करने की तैयारी कर रहे हैं। उन पर कारोबार में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। न्यूयार्क के अटार्नी जनरल पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके तीन बालिग बच्चों के विरूद्ध अभियोग चलाने जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, न्यूयार्क के अटार्नी जनरल ने मैनहट्टन, शिकागो और वाशिंगटन डीसी में संपत्तियों समेत अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कंपनी की सबसे महंगी संपत्तियों में कारोबारी धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बुधवार को उन पर मुकदमा दायर किया।
मुकदमे में ट्रंप के तीन सबसे बड़े बच्चों, डोनाल्ड जूनियर, इवांका, एरिक ट्रंप और लंबे समय से उनकी कंपनियों में कार्यकारी रहे एलेन वीस्सेलबर्ग व जेफरी मैककैनी को भी प्रतिवादी बनाया गया है। डेमोक्रेट जेम्स बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में इस वाद का ब्योरा पेश करेंगे।
इससे पहले ट्रंप के लिए राहत भरी खबर आई थी। ट्रम्प की टीम ने कोर्ट से एक विशेष मास्टर नियुक्त करने का अनुरोध किया था। टीम का कहना था कि यह विशेष मास्टर ही ट्रम्प के आवास मार-ए-लागो पर एफबीआई की छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की समीक्षा करे। मामले में जज ने ट्रंप की टीम के अनुरोध को स्वीकार कर लिया था।
दरअसल, आठ अगस्त को एफबीआई ने ट्रम्प के मार-ए-लागो स्थित आवास पर छापा मारा था। इसको लेकर ट्रंप ने कहा कि कुछ हफ्तों पहले जो हुआ, अमेरिकी स्वतंत्रता के लिए उससे ज्यादा कोई ज्वलंत उदाहरण नहीं हो सकता। उन्होंने इसे अमेरिकी इतिहास में किसी भी सरकार से ज्यादा चौंकाने वाला सत्ता का दुरुपयोग करार दिया। उन्होंने कहा कि यह तलाशी 'न्याय का मजाक' था।
ट्रंप पर कानून के उल्लंघन का आरोप
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने गुप्त दस्तावेजों को अपने आवास में रखकर जासूसी अधिनियम का उल्लंघन किया है। एफबीआई एजेंटों ने संघीय मजिस्ट्रेट द्वारा अनुमोदित वारंट के आधार पर ट्रंप के आवास की तलाशी ली थी। इसके चार दिन बाद एजेंसी ने कानूनी दस्तावेजों को लेकर कई हैरान कर देने वाले खुलासे किए थे।