देश के कई बड़े शहरों के बीच वंदे भारत मेट्रो दौड़ती हुई नजर आएगी। पहली बार इस ट्रेन की झलक भी सामने आ गई है। इस ट्रेन का इसी वर्ष जुलाई में ट्रायल किया जाएगा। पंजाब के कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में वंदे भारत मेट्रो के कोच तैयार किये गए हैं।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे शुरुआत में करीब 50 ऐसी ट्रेनें बनाएगा। धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाकर 400 तक ले जाने की योजना है। वंदे भारत मेट्रो ट्रेन 100 किमी से 250 किमी के बीच यात्रा करने में सक्षम होंगी। इस ट्रेन में डिफॉल्टर कॉन्फ़िगरेशन के रूप में 12 कोच हैं। लेकिन इसे 16 कोच तक बढ़ाया जा सकता है। वंदे भारत मेट्रो भारतीय रेलवे की ओर से विकसित की गई एक सेमी हाई स्पीड इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन है। ये ट्रेन वंदे भारत ट्रेन का मेट्रो वर्जन है।
जानकारी के अनुसार, ये ट्रेन टक्कर रोधक प्रणाली से लैस है, जो इसे आगे की ट्रेन से टकराने से रोकती है। इसमें एसी, स्वचलित दरवाजे, एलईडी लाइट, वाई-फाई, सीसीटीवी कैमरे, टॉयलेट और यात्री सूचना प्रणाली समेत कई तरह की सुविधाएं हैं। वंदे भारत की शुरुआत दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-गाजियाबाद, मुबई-ठाणे, आगरा-मथुरा जैसे वयस्त मार्गों पर किए जाने की योजना है।
रेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पहले फेज में इस ट्रेन को मुंबई में शुरू किया जाएगा। क्योंकि मुंबई में लोकल ट्रेनों की अत्याधिक डिमांड रहती है। मुंबई के बाद राजधानी दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता में भी वंदे मेट्रो चलाई जाने की योजना है। इस ट्रेन में 4, 8, 12 और 16 कोच हो सकते हैं। हालांकि मुंबई में इस ट्रेन को 12 कोच के साथ शुरू किया जाएगा। पूरी तरह से एसी ट्रेन की स्पीड अधिकतम 130 किमी होगी।
यात्री मेट्रो की तरह ही इस ट्रेन में टिकट लेकर यात्रा की जा सकेगी। टिकट रिजर्व कराने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि इन ट्रेनों को छोटी दूरी के लिए चलाया जाएगा। फिलहाल इस ट्रेन के किराये को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन रेलवे अधिकारियों ने यह संकेत दिया है कि इस ट्रेन का किराया कम ही रखा जाएगा।