वाणिज्य एंव अद्योग मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि जिन स्टार्टअप्स में 10 करोड़ तक का निवेश हुआ है, उन्हें टैक्स में छूट दी जाएगी। नोटिफिकेशन में कहा गया है इन नियमों में संशोधन से स्टार्टअप की फंडिंग में आसानी होगी और ज्यादा से ज्यादा नौकरियां भी निकलेंगी। सरकार द्वारा 16 जनवरी 2016 को शुरु किए गए स्टार्टअप अभियान के तहत शुरु के तीन सालों तक टैक्स में छूट का प्रावधान पहले से ही था।
औधोगिक नीति एवं संवर्धन विभाग भर्ती (डीआईपीपी) द्वारा अभी तक 8,765
स्टार्टअप्स को रजिस्टर किया गया है। लेकिन टैक्स छूट का लाभ अभी तक केवल 88 को ही मिल पाया है। इसके लिए स्टार्टअप ने 8 सदस्यों वाले अंतर मंत्रालयी बोर्ड को आवेदन किया था। नोटिफिकेन के मुताबिक अप्रैल 2016 के बाद बनी प्राइवेट लिमिटेड और एलएलपी के रूप में स्थापित कंपनियों को ही इसका लाभ मिलेगा।
स्टार्टअप में निवेश करने वाले एंजेल इनवेस्टर्स के लिए भी नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसमें तय किया गया है कि इनकी नेटवर्थ कम से कम दो करोड़ रुपये होनी चाहिए। साथ ही बीते 3 वर्षों में इनका औसत रिटर्न भी 25 लाख रुपये होना चाहिए। बता दें जो स्टार्टअप के शुरुआती दिनों में निवेश करते हैं उन्हें ही एंजेल इनवेस्टर कहा जाता है। प्रति वर्ष यह 300-400 स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं।