कार्मिक मंत्रालय ने शुक्रवार को नई निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) के 25 जुलाई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के कारण कुछ सरकारी कार्यालयों (Govt Office) को आंशिक रूप से बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि समारोह के समय नए संसद भवन (New Parliament) के निर्णाण कार्य को भी रोके जाने की आवश्यकता है।
BJD नेता सस्मित पात्रा ने बताया कि नव निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शपथ ग्रहण समारोह (Oath Taking Ceremony) 25 जुलाई को संसद भवन के सेंट्रल हॉल (Central Hall) में होगा। सदस्यों के समारोह में भाग लेने की सुविधा के लिए उस दिन (25 जुलाई) राज्य सभा की बैठक सुबह 11 बजे के बजाय दोपहर 2 बजे होगी। तद्नुसार, सदन स्थगित किया जाता है।
संसद भवन के सेंट्रल हॉल में शपथ ग्रहण समारोह
केंद्र सरकार ने सभी विभागों/मंत्रालयों को जारी आदेश में कहा है कि भारत की निर्वाचित राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह 25 जुलाई को यहां संसद भवन के सेंट्रल हॉल में होगा। आदेश के मुताबिक 25 जुलाई को सुबह 6 बजे तक कुल 30 कार्यालयों को खाली करने की आवश्यकता है। यह अभ्यास, समारोह समाप्त होने तक जारी रहेगा।
आदेश में कहा गया है कि इसके अलावा नए संसद भवन के निर्माण कार्य को भी समारोह के समय रोक दिया जाना चाहिए।
ये इमारतें 25 जुलाई को रहेंगी बंद
कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक जिन इमारतों को जल्दी खाली किया जाएगा उनमें साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक, रेल भवन, कृषि भवन, शास्त्री भवन, संचार भवन, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया बिल्डिंग, सेना भवन, वायु भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन शामिल हैं। ये इमारतें 25 जुलाई को सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगी।
राष्ट्रपति चुनाव में मिले 5 लाख 777 वोट
बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव 2022 में एनडीए की उम्मीदवार रहीं द्रौपदी मुर्मू को 5 लाख 777 वोट मिले जबकि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 2 लाख 61 हजार 62 वोट मिले। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई की मध्यरात्रि को खत्म हो रहा है। 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा।
द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक सफर
द्रौपदी मुर्मू ने साल 1997 में पहली बार पार्षद का चुनाव जीता। 2000 में ओडिशा सरकार में मंत्री बनीं। इसके बाद भाजपा संगठन में अलग-अलग पदों को संभाला। साल 2015 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था और सफलतापूर्व उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया था। मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगी। इसके साथ ही वह पहली आदिवासी राष्ट्रपति होने के साथ-साथ प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के बाद देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी।
द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति चुना जाना नया युग : संस्कृति मंत्री
केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी.किशन रेड्डी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू को भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति चुना जाना इतिहास में एक नया युग है, जिसे 'सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने' की जरूरत है।
संस्कृति मंत्री ने ट्वीट किया और उनकी एक तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, "भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण! श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को भारत के नए राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। वह न केवल आदिवासी समुदाय से पहली राष्ट्रपति हैं, बल्कि आजादी के बाद जन्म लेने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति भी हैं। जय हिंद।"
केंद्रीय मंत्री रेड्डी के कार्यालय ने भी ट्वीट किया और लिखा, इतिहास में एक नया युग, जिसे सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने की आवश्यकता है। भारत के राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का चुनाव न केवल राष्ट्र की ताकत का प्रतिबिंब है बल्कि नरेंद्र मोदी जी के एक नए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है जहां सामाजिक समावेश प्रमुख मंत्र है। राष्ट्रपति महोदया को हार्दिक बधाई, जिनका जीवन और कार्य सभी के लिए प्रेरणा है।