नए मोटर वाहन कानून के लागू होने के बाद सख्त प्रावधानों के कारण बेहद हल्ला मचाया गया था। लेकिन केंद्र सरकार का दावा है कि इस कानून के लागू होने के बाद दुर्घटनाओं के कारण मरने वालों की संख्या में बड़े पैमाने पर कमी आई है। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि खासतौर पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में इसके चलते हादसों में मौत का आंकड़ा बेहद कम हुआ है। हालांकि इस दौरान छत्तीसगढ़ में मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी भी हुई है।
लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि क्या नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद उसने इसके बारे में किसी तरह का फीडबैक हासिल किया है। जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नए कानून के संबंध में कई फीडबैक भेजे हैं। इसके अलावा सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चर्स (सियाम) और बस एंड कार ऑपरेटर्स कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीओसीआई) जैसे कई संगठनों ने भी इसे लेकर सरकार के साथ अनुभव साझा किया है।
उन्होंने कहा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिले डाटा का विश्लेषण करने पर दुर्घटनाओं के कारण मरने वालों की संख्या में कमी की बात सामने आई है। बता दें कि नया कानून लागू होने के बाद दुपहिया वाहन पर हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने के लिए जुर्माने में भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिसके चलते इन दोनों सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करने वालों की संख्या में बेहद इजाफा हुआ है।
कितना आया अंतर
| राज्य |
2018 में मौत |
2019 में मौत |
बदलाव (फीसद में) |
| केरल |
321 |
314 |
-2.1 |
| उत्तर प्रदेश |
1503 |
1355 |
-9.8 |
| बिहार |
459 |
411 |
-10.5 |
| गुजरात |
557 |
480 |
13.8 |
| उत्तराखंड |
78 |
61 |
21.8 |
| हरियाणा |
497 |
438 |
11.8 |
| छत्तीसगढ़ |
293 |
305 |
4.1 |
| पुडुचेरी |
13 |
09 |
30.7 |
| चंडीगढ़ |
08 |
08 |
-75 |
(आंकड़े दोनों साल के सितंबर/अक्तूबर माह के हैं)