गुजरात पुलिस के डीजीपी पीसी ठाकुर को शुक्रवार को नागरिक सुरक्षा, होम गार्ड्स, अग्निशमन सेवा का महानिदेशक नियुक्त कर दिया गया। हालांकि उनका यह तबादला पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों की माने तो उन्हें होमगार्ड डीजीपी इसलिए बनाया गया है क्योंकि उन पर यह आरोप लगाया जा रहा कि उन्होंने पाकिस्तान एनएसए से आई घुसपैठ की सूचना को मीडिया में लीक किया था।
इस मामले में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि राज्य की मुखिया आनंदी बेन पटेल भी उनसे खुश नहीं थी। इ्स फैसले से महकमे में अफरातफरी का माहौल है।
1979 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस ठाकुर 31 दिसंबर 2016 को अपनी सेवानिवृत्ति तक इस पद पर रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने ठाकुर की नियुक्ति पर मुहर लगाई है। उन्हें दिसंबर 2013 में गुजरात का डीजीपी बनाया गया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन नागरिक सुरक्षा महानिदेशक का पद 1962 में सृजित किया गया था।