नेपाल की पहली महिला राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी का पहला भारत दौरा रद्द हो गया है। माना जा रहा है कि देश में मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए यह दौरा रद्द किया गया है। इसके साथ ही नेपाल ने भारत में अपने राजदूत को भी वापस बुला लिया है।
सूत्रों के अनुसार नेपाल ने भारत पर असहयोग आरोप लगाते हुए ये कदम उठाया है। दरअसल, इसी हफ्ते नेपाल में प्रचंड की अगुवाई में यूसीपीएन-माओवादी पार्टी ने सत्तारूढ़ ओली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का एलान किया था। हालांकि अगले ही दिन यू-टर्न लेते हुए प्रचंड ने समर्थन वापसी का अपना इरादा बदल दिया। भारत भी नेपाल के राजनीतिक हालात पर करीब से नजर रखे हुए है।
राष्ट्रपति बनने के बाद वह अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत आने वाली थीं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के न्यौते पर नौ मई को भंडारी को भारत आना था। उनका उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में ‘शाही स्नान’ में हिस्सा लेने का भी कार्यक्रम था। नई दिल्ली में केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया, ‘हमें बताया गया कि नेपाल की ओर से राष्ट्रपति भंडारी का सरकारी दौरा स्थगित किया गया। नेपाल में बदले राजनीतिक हालातों के चलते यह फैसला लिया गया होगा।’