नगालैंड विधानसभा का कार्यकाल 12 मार्च को समाप्त हो रहा है। नगालैंड में इस समय एनडीपीपी के नेफ्यू रियो मुख्यमंत्री हैं। राज्य में भाजपा सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है। त्रिपुरा में 16 फरवरी और मेघालय-नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा। तीनों ही राज्यों में चुनाव के नतीजों की घोषणा दो मार्च को होगी। तीनों ही राज्यों में 60-60 सदस्यीय विधानसभा है।
पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में इसी महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच, नगालैंड के सीएम और एनडीपीपी नेता नेफियू रियो ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) और बीजेपी गठबंधन राज्य में आगामी चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करेंगे। सीएम नेफियू रियो के मुताबिक, एनडीपीपी और भाजपा राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 40:20 सीटों के फार्मूले पर सहमति बनी है।
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27 फरवरी को होगा मतदान
बता दें कि नगालैंड विधानसभा का कार्यकाल 12 मार्च को समाप्त हो रहा है। नगालैंड में इस समय एनडीपीपी के नेफ्यू रियो मुख्यमंत्री हैं। राज्य में भाजपा सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है। त्रिपुरा में 16 फरवरी और मेघालय-नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा। तीनों ही राज्यों में चुनाव के नतीजों की घोषणा दो मार्च को होगी। तीनों ही राज्यों में 60-60 सदस्यीय विधानसभा है।
2018 में ऐसे रहे थे नतीजे
2018 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) में दो टुकड़ों में बंट गई थी। बागियों ने नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) बनाई। पार्टी के बड़े नेता और राज्य के मुख्यमंत्री रहे नेफ्यू रियो बागी गुट के साथ चले गए। चुनाव से पहले NPF ने भाजपा से गठबंधन तोड़ लिया। भाजपा और NDPP ने मिलकर चुनाव लड़ा। NDPP को 18 तो भाजपा को 12 सीटों पर जीत मिली। गठबंधन सत्ता में आया और नेफ्यू रियो मुख्यमंत्री बने। नेफ्यू रियो के सीएम बनने के बाद 27 सीट जीतने वाली NPF के ज्यादातर विधायक NDPP में शामिल हो गए। इससे NDPP विधायकों का आंकड़ा 42 पर पहुंच गया। वहीं, NPF के केवल चार विधायक बचे। बाद में NPF ने भी सत्ताधारी गठबंधन को समर्थन दे दिया। मौजूदा समय में राज्य विधानसभा के सभी 60 विधायक सत्तापक्ष में हैं।