पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर दिल्ली के विज्ञान भवन में पीएम मोदी ने 15 खंडों के दीनदयाल संपूर्ण वाड़्मय का विमोचन किया। पीएम मोदी ने इस मौके पर पंडित दीनदयाल के व्यक्तित्व के बारे विचार व्यक्त किए।
पीएम मोदी ने कहा पंडित जी की दूरदृष्टि बहुत आगे तक थी। आज वे खतरे मुंह बाए खड़े हैं, जिनकी आशंका पंडित जी ने जताई थी। पीएम मोदी ने कहा कि देश में विपक्ष का कॉन्सेप्ट पंडित जी ने ही शुरू किया। उन्होंने मजबूत संगठन बनाकर कांग्रेस का विकल्प तैयार किया।
पीएम मोदी ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि अगर कोई सुबह उठकर कसरत करता है तो पड़ोसी को इससे डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि कसरत खुद के स्वास्थ्य के लिए की जाती है।
Agar subha ghanta bhar koi exercise karta hai to padosi ko darne ki zrurt nhi ki wo mere liye kr rha h,wo apne swasthya ke liye karta hai:PM pic.twitter.com/XbKCcbaTtV
— ANI (@ANI_news) October 9, 2016
देश के लिए उपयोगी दीनदयाल का लिखा साहित्य
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पीएम ने कहा कि दीनदयाल हमेशा कहते थे कि देश की सेना सबसे मजबूत और सामर्थ्यवान होनी चाहिए, तभी देश सामर्थ्यवान बनेगा। उन्होंने कहा कि पंडित जी कहते थे कि देश की अर्थव्यव्स्था का खाका तैयार करते वक्त गरीबों और वंचितों को ध्यान में रखना चाहिए। इसी विचार पर भाजपा काम कर रही है और दीनदयाल के जन्मशती वर्ष को 'गरीब कल्याण वर्ष' के रूप में मना रही है।
पीएम ने कहा कि पंडित जी देश की विभिन्नता को देश की अमानत मानते थे। पीएम ने कहा कि पंडित दीनदयाल का जीवन इतनी सादगी भरा था कि वे जब ट्रेन में यात्रा करते थे तो लोग उन्हें पहचान नहीं पाते थे।
पंडित दीनदयाल ने पाकिस्तान, चीन, बौद्ध धर्म, तकनीक, भारतीय अर्तव्यवस्था, महिलाओं, श्रीकृष्ण और भारतीय संस्कृति पर जमकर लिखा।