राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि वह चीजों को ध्यान से देखते हैं। चाहे वो विदेशों से संबंध हों या अर्थव्यवस्था, पीएम मोदी ने हर विषय पर गहरी जानकारी हासिल की है। मोदी का काम करने का तरीका अलग है, जिसका हमें उन्हें श्रेय देना चाहिए।
प्रणब ने मोदी का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं इस बात की सराहना करता हूं जब वह ये कहते हैं कि कोई बहुमत से चुनाव जीत सकता है लेकिन शासन चलाने के लिए आपको सर्वमत की जरूरत होती है।’ राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे खुशी हुई जब उन्होंने अपनी पार्टी की बड़ी जीत के बाद विनम्रता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सभी शक्तियां प्रधानमंत्री में निहित हैं। प्रधानमंत्री को यह शक्तियां आम आदमी से मिली हैं। लेकिन सवाल यह है कि देश का प्रधानमंत्री इन शक्तियों का इस्तेमाल किस तरह से करता है।
पूर्व प्रधानमंत्रियों के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमें अपने विरोधियों को संभालने और समझने का हुनर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अटल भी प्रभावी प्रधानमंत्री थे लेकिन उनका रवैया काफी अलग था। प्रणब ने अपने संबोधन में अपने राजनीतिक जीवन को भी याद किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने चार प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है और उनसे बहुत कुछ सीखा है।’
संसद की कार्यवाही बाधित होने से दुखी
राष्ट्रपति ने संसद की कार्यवाही में आने वाली रुकावटों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘ये देखकर कोफ्त होती है, क्योंकि मेरा सार्वजनिक जीवन संसद से जुड़ा रहा है।’ प्रणब ने कहा, मुझे बहुत दुख होता है कि लोकतंत्र के मुख्य स्तंभ को इस तरह से अप्रभावशाली बनाया जा रहा है। सत्ता और विपक्ष दोनों को इसे रोकना होगा ताकि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि सदन में खराब होने वाले एक-एक मिनट देश की रफ्तार रोकता है।
नेहरू-इंदिरा के योगदान को किया याद
प्रणब मुखर्जी ने पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद वह देश को लोकतंत्र के रास्ते पर ले गए। वह देश में संसदीय लोकतंत्र के जनक थे। वहीं सरदार पटेल ने देश को जोड़ने का काम किया। लिहाजा, आजादी के बाद देश की पीढ़ी पर नेहरू और पटेल का गहरा असर पड़ा। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में अनाज का सबसे बड़ा उत्पादक है तो इसका श्रेय देश के सभी प्रधानमंत्रियों द्वारा किए प्रयासों को जाता है। राष्ट्रपति के मुताबिक, इंदिरा गांधी एक ताकतवर नेता थीं और बांग्लादेश की आजादी उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी।
आर्थिक विकास पर यूपीए की उपलब्धियां गिनाईं
प्रणब ने आर्थिक मोर्चे पर यूपीए सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान चार साल तक विकास दर 8 फीसदी से अधिक रही। 2008 की आर्थिक मंदी के दौरान भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही क्योंकि इसका आधार मजबूत था। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली विभिन्न सरकारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के आधार को मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।