जाने-माने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा- सीजेपी और देश की 'जेन जी'को बधाई; और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जाने-माने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने भी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि, सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर 20 दिन तक अनशन किया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनाम वांगचुक ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- यह लोकतंत्र की जीत है, सीधा लोकतंत्र... जो सड़कों से निकला है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। सीजेपी और देश की 'जेन जी'को बधाई; और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई। जवाबदेही से अब सुधार की ओर।
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IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.… pic.twitter.com/rSLOfvba2R
सोनम वांगचुक का 20 दिनों का लंबा अनशन
नीट परीक्षा में सुधारों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को तब और बड़ी ताकत मिली, जब जाने-माने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में आ गए। उन्होंने छात्रों की मांगों के समर्थन में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। 20 दिनों के लंबे अनशन के बाद जब उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने लगा, तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य ने पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे की तरफ खींचा। उनके अस्पताल में भर्ती होने के तुरंत बाद सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए, जिसने आंदोलन की आग को और भड़का दिया।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर साझा किया पत्र
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का पत्र जारी किया। जिसमें उन्होंने लिखा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।