कम अटेंडेंस को लेकर नोएडा स्थित एमिटी लॉ स्कूल के 21 वर्षीय छात्र द्वारा खुदकुशी करने जैसी और घटनाएं न हो, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार की दरकार है। इस तरह की घटनाओं को गंभीर बताते हुए शीर्ष अदालत ने नामचीन विधि विशेषज्ञ फली एस नरीमन को अमाइकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किया है।
मालूम हो कि एमेटी लॉ स्कूल, नोएडा के छात्र सुशांत रोहिल्ला द्वारा 10 अगस्त को खुदकुशी करने के मामले में शीर्ष अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया है। सुशांत के दोस्त राघव ने इस संबंध में चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को पत्र लिखा था।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि अगर शिक्षा प्रणाली में सुधार करने से इस तरह की घटनाओं पर रोकथाम लग सके तो यह बहुत ही अच्छा होगा। मालूम हो कि जरूरी अटेंडेंस न होने के कारण सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की अनुमति न मिल पाने से दुखी तीसरे वर्ष के छात्र सुशांत ने अपने कमरे में फंदे से लटकर जान दे दी। अपने सुसाइड नोट में सुशांत ने लिखा था कि वह फेलियर है और जीना नहीं चाहता।