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एमिटी छात्र खुदकुशी मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने कहा शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत

Tue, 06 Sep 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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कम अटेंडेंस को लेकर नोएडा स्थित एमिटी लॉ स्कूल के 21 वर्षीय छात्र द्वारा खुदकुशी करने जैसी और घटनाएं न हो, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार की दरकार है। इस तरह की घटनाओं को गंभीर बताते हुए शीर्ष अदालत ने नामचीन विधि विशेषज्ञ फली एस नरीमन को अमाइकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किया है।
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मालूम हो कि एमेटी लॉ स्कूल, नोएडा के छात्र सुशांत रोहिल्ला द्वारा 10 अगस्त को खुदकुशी करने के मामले में शीर्ष अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया है। सुशांत के दोस्त राघव ने इस संबंध में चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को पत्र लिखा था।

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि अगर शिक्षा प्रणाली में सुधार करने से इस तरह की घटनाओं पर रोकथाम लग सके तो यह बहुत ही अच्छा होगा। मालूम हो कि जरूरी अटेंडेंस न होने के कारण सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की अनुमति न मिल पाने से दुखी तीसरे वर्ष के छात्र सुशांत ने अपने कमरे में फंदे से लटकर जान दे दी। अपने सुसाइड नोट में सुशांत ने लिखा था कि वह फेलियर है और जीना नहीं चाहता।
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पीठ ने वकील से पूछा, क्या सुशांत वाकई में अच्छा वक्ता था?

सुप्रीम कोर्ट
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ में सुसाइड नोट पर गौर करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि प्रताड़ना के कारण सुशांत ने इतना बड़ा कदम उठाया। पीठ ने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि शिक्षक उसे पसंद नहीं करते थे इसलिए उसका अटेंडेंस कम दिखाया गया। पीठ ने एमिटी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा से पूछा कि क्या सुशांत वास्तव में अच्छा वक्ता था।

क्या वह डिबेट में बहुत अच्छा था। जवाब में लूथरा ने इस घटना को बेहद अफसोसजनक बताते हुए कहा कि सुशांत का अटेंडेंस कम होने के बावजूद अन्य सकारात्मक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त लाभ दिया गया था। उन्होंने कहा कि एमेटी लॉ स्कूल, नोएडा गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध है। वह विश्वविद्यालय के नियमों को मानने के लिए बाध्य है। उन्होंने यह भी कहा कि सुशांत के पिता को भी कम अटेंडेंस केबारे में जानकारी दी गई थी।

अदालत ने फिलहाल इस मामले में किसी को नोटिस जारी नहीं किया है लेकिन एमेटी से कहा कि वह चाहे तो इस मामले को लेकर अपने पक्ष को रिकार्ड पर ला सकती है। पीठ ने कहा कि इस मामले के सभी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। पीठ ने फली एस नरीमन को इस मामले में अदालत की मदद करने के लिए कहा है।
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