उन्होंने कहा कि इससे उनके सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब वह शहरी विकास मंत्री थे तब इस तरह की पहल की गई थी, इसे अब अमलीजामा पहनाने की जरूरत है।
इस मौके पर द लूंबा फाउंडेशन की अध्यक्ष शेरी ब्लेयर, संस्था के संस्थापक लॉर्ड लूंबा और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे। ब्लेयर ने संस्था की ओर से भारत में विधवाओं के लिए अलग आयोग बनाने और विधवाओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग की। प्रसाद ने इन मांगों के कानूनी पहलुओं पर विचार कर शीघ्र कोई फैसला करने का भरोसा भी दिलाया।
इस दौरान लॉर्ड लूंबा ने कहा कि विश्व में दस में से एक महिला विधवा है और दुनिया भर में ये महिलाएं असमानता एवं अत्याचार की शिकार हैं। इसे वैश्विक शर्म का विषय बताते हुए उन्होंने इस स्थिति से निपटने में भारत से निर्णायक भूमिका निभाने की अपील की।