भारत में सामने आए कोरोना वायरस के सभी मामलों और मौतों का तीन-चौथाई भाग देश के 35 सबसे बड़े शहरी समूहों में सामने आया। वहीं, कोविड-19 के दो-तिहाई मामले और वायरस से हुई मौत केवल 13 समूहों में ही रिपोर्ट किए गए।
रविवार सुबह तक इन 35 शहरी केंद्रों में 28,761 मामले सामने आए, जो देश में रिपोर्ट किए गए 39,980 मामलों का 72 फीसदी था। इस तरह, इस खतरनाक वायरस से हुई 1301 मौतों में से 981 मौत इन्हीं समूहों में हुई। इस तरह देश में वायरस से हुई मौतों का 75 फीसदी भी इन्हीं समूहों में रिपोर्ट किया गया। ये शहरी समूह 16 राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली तक फैले हुए हैं।
वहीं, 13 शहरी समूह ऐसे हैं, जहां हर एक में 500 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इन 13 शहरी समूहों में 26,483 मामले सामने आए और ये देश के कुल मामलों का 66 फीसदी हैं। कोरोना से हुई मौत के मामलों को देखा जाए तो इन समूहों में 915 मौतें हुई, जो देश में हुई मौतों का 70 फीसदी है। वो भी इस तथ्य के बावजूद कि कोलकाता का डाटा उपलब्ध नहीं था।
एक शहर के आसपास लगातार शहरी आवास होने को शहरी समूह के रूप में परिभाषित किया गया है। इसकी दूसरी परिभाषा यह है कि दो या अधिक शहरों का निरंतर भौगोलिक खिंचाव होना, जिससे एक बड़ा शहर बन जाए। ग्रेटर मुंबई या दिल्ली अपने उपग्रह शहरों के साथ इसका एक उदाहरण हैं।
मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद देश के सबसे बुरी तरह प्रभावित शहरी समूह हैं। ग्रेटर मुंबई में अब तक 9445 मामले सामने आए हैं, इसके बाद दिल्ली शहरी समूह (दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम) में 4473 मामले रिपोर्ट किए गए।
अहमदाबाद शहरी समूह, जो अहमदाबाद-गांधीनगर तक फैला हुआ, में 3610 मामले सामने आए। इनके अलावा इंदौर, चेन्नई और पुणे अन्य तीन शहरी समूह हैं, जहां 1000 से ज्यादा पॉजिटिव केस पाए गए।
वहीं, सात ऐसे शहरी समूह हैं, जहां 500 से 1000 के बीच मामले रिपोर्ट किए गए। जयपुर में 961 और कोलकाता में 851 केस पॉजिटिव पाए गए। इस तरह, सूरत और हैदराबाद में 600 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए। विजयवाड़ा, आगरा और भोपाल में 500 से ज्यादा लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए।
इसके अलावा आठ ऐसे शहरी समूह हैं, जहां 100 से 500 मामले रिपोर्ट किए गए। जबकि बाकी बचे हुए 13 समूहों में से 12 में 100 से कम मामले सामने आए। जमशेदपुर इन 35 शहरी समूहों में अकेला ऐसा समूह है, जहां अब तक एक भी केस पॉजिटिव नहीं पाया गया है।
इन 35 सबसे बड़े शहरी समूहों के अपने राज्यों में सामने आए कुल मामलों से तुलना करने पर पता चलता है कि कई राज्यों में कोविड-19 काफी हद तक सबसे बड़े शहरी इलाकों में ही केंद्रित है।
दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र के शहरी समूहों में 90 फीसदी मामले सामने आए हैं। इस तरह, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के शहरी समूहों में अपने राज्यों के आधे से ज्यादा मामले रिपोर्ट किए गए। कर्नाटक, पंजाब, बिहार और झारखंड केवल ऐसे राज्य हैं, जहां शहरी समूहों में 30 फीसदी से कम मामले सामने आए हैं।