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सुप्रीम कोर्ट: अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नियमित कवायद, इसे बेवजह सांप्रदायिक रंग दिया

Tue, 10 May 2022 06:30 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

एनडीएमसी ने कहा, इन्हें हटाने के लिए कोई नोटिस देना आवश्यक नहीं है। 20 अप्रैल को या पिछले किसी अभियान में किसी भी घर या दुकान को नहीं तोड़ा गया था।
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सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने बताया कि जहांगीरपुरी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को याचिकाकर्ताओं (जमीयत उलमा-ए-हिंद व अन्य) ने बेवजह सांप्रदायिक रंग दिया है। एनडीएमसी ने कहा, अतिक्रमण के खिलाफ अभियान एक नियमित प्रशासनिक कवायद थी।  

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एनडीएमसी आयुक्त के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दायर किए गए हलफनामे में कहा गया, 20 अप्रैल को एनडीएमसी ने केवल सार्वजनिक सड़क पर अनधिकृत प्रोजेक्शंस और अनधिकृत अस्थायी संरचनाओं को हटाया था जो घरों की सीमा से परे था। अपने इस कदम का बचाव में दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा-320, 321 और 322 का हवाला भी दिया गया। एनडीएमसी ने कहा, इन्हें हटाने के लिए कोई नोटिस देना आवश्यक नहीं है। 20 अप्रैल को या पिछले किसी अभियान में किसी भी घर या दुकान को नहीं तोड़ा गया था।

निगम ने हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया 
हलफनामे के मुताबिक सड़कों पर नागरिकों के लिए आंदोलन की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशानुसार पूरी कवायद की गई थी। हाईकोर्ट ने बार-बार अथॉरिटी को रास्ते और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए हैं। निगम ने उन्हीं आदेशों का पालन किया।
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 कब्जा करने वालों का धर्म नहीं देखा जाता 
याचिकाकर्ता पर जानबूझकर मामले को सनसनीखेज बनाने का आरोप लगाते हुए एनडीएमसी ने जोर देकर कहा, एनडीएमसी पर विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाने का आरोप याचिकाकर्ता का एक प्रेरित और निराधार दावा है। जब एक सड़क या फुटपाथ को साफ किया जाता है तो प्रक्रिया एक छोर से दूसरे छोर तक जाती है।
इसमें यह नहीं देखा जाता है कि वह किस धर्म का है या उसका मालिक कौन है। बस अनधिकृत रूप से फुटपाथ या सार्वजनिक सड़क पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

इसलिए बुलडोजर लेकर गए...
बुलडोजर के प्रयोग के संबंध में एनडीएमसी ने बताया, सार्वजनिक सड़क व फुटपाथ पर कुछ अस्थायी प्रोजेक्शन इस प्रकार के होते हैं जिसके लिए बुलडोजर का इस्तेमाल जरूरी होता है। हम इसी लिए बुलडोजर लेकर गए थे। हलफनामे में यह दावा किया गया है कि यथास्थिति बनाए रखने के न्यायालय के आदेश के बाद जिन्हें सार्वजनिक सड़कों से हटा दिया गया था वे वापस आ गए और फुटपाथों पर फिर से कब्जा कर लिया है।

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