सूत्रों के मुताबिक नामांकन में पार्टीशासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के मुखिया, सभी वरिष्ठ मंत्री और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार के सवाल पर भाजपा ने भले ही पत्ते नहीं खोले हैं, मगर नामांकन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार के मंत्रियों को 24 से 25 जून तक दिल्ली में ही रहने का निर्देश दिया गया है। जबकि कुछ सहयोगी दलों के नेताओं बातचीत का सिलसिला शुरू किया गया है। पार्टी की योजना नामांकन के जरिए राजग का शक्ति प्रदर्शन करने की है।
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सूत्रों के मुताबिक नामांकन में पार्टीशासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के मुखिया, सभी वरिष्ठ मंत्री और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी की ओर से संभवत: बुधवार को उम्मीदवार के नाम की घोषणा की जाएगी। राजग के उम्मीदवार को वाईएसआर कांग्रेस और बीजेडी ने भी समर्थन का भरोसा दिया है। ऐसे में कोशिश है कि नामांकन के दौरान ओडिशा और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहें।
छोटे सहयोगी दलों से बातचीत की प्रक्रिया पूरी
नामांकन के दौरान उपस्थिति सुनिश्चित करने केलिए पार्टी के स्तर पर छोटे सहयोगी दलों से बातचीत की प्रक्त्रिस्या पूरी कर ली गई है। सहयोगी दलों को फिलहाल उम्मीदवार का नाम नहीं बताया गया है। उन्हें सिर्फ 24 या 25 जून को नामांकन की सूचना दी गई है। इस क्त्रस्म में अब जदयू से बातचीत होनी है। हालांकि दो सप्ताह पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात हो चुकी है।
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राजग के पास बस पांच दिन का बचा समय
नामांकन के लिए राजग के पास अब महज पांच दिन का ही समय बचा है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 29 जून है। इसी बीच प्रधानमंत्री को 26 जून से 28 जून तक जर्मनी में होने वाले जी-7 सम्मेलन में शिरकत करना है। इसलिए नामांकन के लिए 24 या 25 जून की तारीख पर सहमति बनाई जा रही है।