राष्ट्रपति चुनावों के नजदीक आने के बाद केंद्र सरकार खुद को मजबूत साबित करने की कोशिशों में जुटी है। बीजेपी सूत्र दावा करते हैं कि एनडीए कैंप के पास इस चुनाव के लिए 54 प्रतिशत वोट मौजूद है। सूत्र कहते हैं कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) केंद्र सरकार के समर्थन में वोट कर सकती है जबकि AIADMK राष्ट्रपति चुनावों के लिए एनडीए का साथ छोड़ सकती है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "द्रमुक कांग्रेस के साथ जा रहा है। उसने सोनिया गांधी के विपक्षी पार्टियों की लंच की बैठक में हिस्सा लिया है। राष्ट्रपति चुनावों के लिए कुल वोट 10, 98,882 है जिसमें बहुमत के लिए 5,49,442 वोटों का होना जरूरी है।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए एकजुट विपक्ष के प्रयासों पर टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता ने कहा, "विपक्षी एकता मनोरंजक है। लालू प्रसाद के भ्रष्टाचार के आरोपों के अलावा पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह और कनिमोझी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बगल में बैठे थे। शुक्रवार को हुई इस बैठक में नहीं लगता कि वो बहुमत के करीब हो सकते हैं।
विश्वास से भरी भाजपा अपने प्रत्याशी को राष्ट्रपति के तौर जीतते हुए देख रही है। पार्टी के सूत्रों ने दावा किया है कि भाजपा के पक्ष में फैसला होगा, जो कि जल्द ही सबके सामने आ जाएगा। विधानसभा चुनावों में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रपति चुनावों में भी अपनी ताकत साबित करने के लिए बेहत उत्सुक नजर आ रही है। पार्टी इस कोशिश में लगी है कि उसके राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी न सिर्फ जीते बल्कि बहुमत के साथ ऐसा करे।