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NCPCR: एनसीपीसीआर के अध्यक्ष ने कोलकाता पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप, WBCPCR ने किया यह दावा

Sat, 01 Apr 2023 04:48 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, कोलकाता।

सार

हालांकि, पुलिस ने कानूनगो के आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ सहयोग किया था। पुलिस ने कहा कि इसके उलट एनसीपीसीआर प्रमुख ने उनके साथ "दुर्व्यवहार" किया था।
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एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)।
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विस्तार
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कोलकाता में बच्ची की मौत को लेकर अब राजनीति शुरू हो चुकी है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और राज्य बाल संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन एक-दूसरे से भिड़ गए हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने शुक्रवार को दावा किया कि जब वह कोलकाता के तिलजला इलाके में एक नाबालिग लड़की के घर जा रहे थे तब पुलिस अधिकारियों ने उनसे मारपीट की। कानूनगो जिस लड़की के घर जा रहे थे, उसकी पिछले सप्ताह उसके पड़ोसी ने हत्या कर दी थी।

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हालांकि, पुलिस ने कानूनगो के आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ सहयोग किया था। पुलिस ने कहा कि इसके उलट एनसीपीसीआर प्रमुख ने उनके साथ "दुर्व्यवहार" किया था।

NCPCR चीफ ने DG से की शिकायत
कानूनगो ने हिंदी में ट्वीट किया, पश्चिम बंगाल के तिलजिला थाने में बंगाल पुलिस के अधिकारी बिस्वाक मुखर्जी ने मेरे साथ मारपीट की। पुलिसकर्मी एनसीपीसीआर की जांच कार्यवाही की चोरी छिपे रिकॉर्डिंग कर रहे थे। विरोध करने पर मेरे साथ मारपीट की गई है। प्रियांक कानूनगो ने पूरे मामले को लेकर डीजी को भी पत्र लिखा है। इसमें भी उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी की शिकायत की है.
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इस बीच, पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) की प्रमुख सुदेशना रॉय ने दावा किया कि कानूनगो ने उनका और उनके सहयोगियों का अपमान किया, और वह इस संबंध में पुलिस शिकायत दर्ज करने पर विचार कर रही हैं। उन्होंने कहा, एनसीपीसीआर की टीम हमें बिना बताए वहां चली गई। जब मैं मौके पर पहुंची तो उसने (कानूनगो) बेहद अपमानजनक लहजे में बोलना शुरू कर दिया।

रॉय ने गुरुवार को एनसीपीसीआर को पत्र लिखकर कहा था कि कोलकाता में एक लड़की की हत्या और मालदा में एक अन्य नाबालिग के दुष्कर्म को लेकर पश्चिम बंगाल की उसकी प्रस्तावित यात्रा वास्तव में आवश्यक नहीं थी। बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में तिलजला में एक पड़ोसी ने सात साल की एक बच्ची की हत्या कर दी थी, जबकि मालदा में एक सरकारी संस्थान के अंदर कक्षा छह की एक बच्ची के साथ स्कूल के समय कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था।

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