महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तरफ से तैयारियां जोर-शोर से जारी है। राज्य के दोनों प्रमुख गठबंधन अपने अलग-अलग दावे कर रहे हैं। इन सब के बीच महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी अपने सहयोगी दलों भाजपा और शिवसेना के साथ लड़ेगी। अजित पवार ने कहा, हम महायुति को फिर से सत्ता में लाने के लिए लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वह महाराष्ट्र के विकास के लिए काम करना चाहते हैं।
गठबंधन से अलग होने का सवाल ही नहीं- पवार
इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग होने का सवाल ही नहीं उठता। एक कार्यक्रम में बोलते हुए एनसीपी प्रमुख ने लोकसभा चुनाव में बारामती में अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को अपनी चचेरी बहन और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ खड़ा करने के अपने फैसले पर भी खेद जताया। वहीं ये पूछे जाने पर कि क्या उन्हें शरद पवार के खिलाफ बगावत करने का पछतावा है, डिप्टी सीएम ने इसे पुराना मामला बताया और जोर देकर कहा कि इसे फिर से उठाने की कोई जरूरत नहीं है।
उनके सहयोगी उन्हें करना चाहते हैं बाहर- शिवसेना उद्धव गुट
वहीं महायुति सहयोगियों के साथ मिलकर राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ने के अजित पवार के बयान के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया है कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना उनकी पार्टी को सत्तारूढ़ गठबंधन से बाहर करने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है।
उद्धव को लेकर आदित्य ठाकरे का बड़ा दावा
इधर शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनके पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे वर्तमान में राज्य में 'सबसे स्वीकार्य चेहरा' हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि मुख्यमंत्री का पद पारंपरिक रूप से उस पार्टी को मिलता है जो गठबंधन में सबसे अधिक सीटें जीतती है, आदित्य ने एक कार्यक्रम में कहा कि उनके पिता 'महाराष्ट्र का नेतृत्व करने वाले सबसे अग्रणी नेताओं' में से एक थे।
जनता बताएगी उनके साथ कौन खड़ा था- ठाकरे
जबकि यह पूछे जाने पर कि अगर कांग्रेस आगामी राज्य चुनावों में अधिक सीटें जीतती है तो शिवसेना (यूबीटी) क्या करेगी, इस पर आदित्य ठाकरे ने कोरोना महामारी के दौरान अपने पिता की सरकार की तरफ से किए गए कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि यह पिछले कुछ दशकों की सबसे अच्छी सरकारों में से एक थी। आदित्य ने कहा, अगर आप महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों, महाराष्ट्र के खेतों में जाएं और (लोगों से पूछें) तो वे आपको बताएंगे कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो हमारे सबसे कठिन समय में हमारे साथ खड़े रहे।
'हम भाजपा से राज्य को बचाने के लिए लड़ रहे हैं'
इस सवाल पर क्या वह उद्धव ठाकरे को गठबंधन के चेहरे के रूप में पेश करना चाहेंगे, इस पर आदित्य ने कहा, अगर आज कोई ऐसा व्यक्ति है जो एकीकृत तरीके से, सक्षम तरीके से राज्य का नेतृत्व कर सकता है, तो हां, उद्धव बालासाहेब ठाकरे उन अग्रणी लोगों में से एक हैं जो महाराष्ट्र का नेतृत्व कर सकते हैं क्योंकि हम ऐसा व्यक्ति चाहते हैं जो महाराष्ट्र के गौरव के बारे में बात करे। उन्होंने आगे कहा, एमवीए में हमारी स्पष्ट समझ है। हम पद के लिए नहीं लड़ रहे हैं। हम मुख्यमंत्री पद या स्वार्थी उद्देश्यों के लिए नहीं लड़ रहे हैं, यही वजह है कि भाजपा ने हमारे साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया। हम महाराष्ट्र के गौरव के लिए लड़ रहे हैं, जो भाजपा के कुशासन के कारण खो गया है। आदित्य ने कहा कि एमवीए, जो राज्य को भाजपा से बचाने" के लिए लड़ रही है, चुनावी लड़ाई जीतेगी।